सिंगरौली में कोयला खदानों के लिए जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर कांग्रेस का मप्र विधानसभा में हंगामा

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सिंगरौली में कोयला खदानों के लिए जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर कांग्रेस का मप्र विधानसभा में हंगामा

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 04:31 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 04:31 PM IST

भोपाल, 25 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में सिंगरौली जिले के धिरौली स्थित अदाणी समूह के कोयला खदानों के लिए जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठाया और प्रभावितों को उचित मुआवजा न दिए जाने व इसमें अनियमितता पाए जाने का आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की विधानसभा की एक संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग को लेकर हंगामा किया और फिर सदन से बहिर्गमन किया।

हालांकि सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष को आश्वासन दिया कि सरकार निश्चित मुआवजा नीति के अनुसार कार्रवाई कर रही है और मुआवजे में किसी भी प्रकार की अनियमित पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।

प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कोयला खदानों के लिए आठ गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है और कलेक्टर की सूची के अनुसार 12,998 परिवार प्रभावित हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित आदिवासी परिवारों को पूर्ण मुआवजा नहीं दिया गया है तथा मुआवजा वितरण में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

सिंघार ने दावा किया कि मुआवजा राशि बाहरी लोगों को भी दी गई है। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र के एक थाना प्रभारी की पत्नी को 15 लाख से ज्यादा तथा एक यातायात प्रभारी पत्नी के नाम पर लगभग 14 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया।

उन्होंने इस पूरे मामले की विधानसभा की संयुक्त समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार कोयला खदानों के नाम पर अदाणी समूह को लाभ पहुंचा रही है, जबकि प्रभावितों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि जब तक पूरे प्रकरण की जांच पूरी नहीं होती और सभी प्रभावितों को पूरा मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक कोल ब्लॉक का कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए।

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि कहा कि अब तक 1,552 प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी बाहरी व्यक्ति को मुआवजा मिलने की बात सामने आती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।

वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के आरोप पूरी तरह ग़लत है और जब प्रभावितों को मुआवजा दिया जा रहा है तो संयुक्त समिति से जांच की आवश्यकता नहीं है।

राज्य के ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सरकार निश्चित मुआवजा नीति के अनुसार कार्रवाई कर रही है और यदि इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो सरकार ठोस कार्रवाई करेगी।

उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि जरूरत पड़ी तो मुआवजा पाने वाले सभी लोगों की सूची सदन के पटल पर भी रखी जाएगी।

मंत्रियों के आश्वासन के बावजूद कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा। उन्होंने सदन में नारेबाजी आरंभ कर दी जिसके बाद अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

दोबारा जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो सिंघार ने संयुक्त समिति से इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग दोहराई और सरकार से सवाल किया कि वह इससे क्यों घबरा रही है।

विपक्षी सदस्यों ने फिर से हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके कुछ देर बाद सरकार पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए विपक्षी सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।

भाषा ब्रजेन्द्र मनीषा रंजन

रंजन