खंडवा लोकसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां तेज, लेकिन गुटबाजी से मुसीबत में पार्टी
गुटबाजी से मुसीबत में पार्टी! Congress intensifies preparations for Khandwa Lok Sabha by-election, but party in trouble due to factionalism
Congress Gutbaji
Khandwa lok sabha Chunav 2021
भोपाल : खंडवा लोकसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी है, लेकिन इसी के साथ कांग्रेस की गुटबाजी भी सामने आ गई है। पार्टी का एक खेमा अरुण यादव को चुनाव लड़ाने की तैयारी में है, तो दूसरा खेमा उन्हें साइड लाइन करना चाहता है। इधर अरुण यादव टिकट लिए दिल्ली से जोर लगा रहे हैं। वहीं कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने आलाकमान से क्षेत्र के साढ़े 6 लाख आदिवासी वोटर्स को साधने की गुजारिश की है। उनके इस प्रस्ताव के बाद पार्टी में आदिवासी चेहरे की तलाश तेज हो गई है।
Khandwa lok sabha Chunav 2021 : खंडवा लोकसभा उपचुनाव के लिए अरुण यादव खुद को स्वाभाविक उम्मीदवार मान रहे है, लेकिन उनका विरोध भी हो रहा है। निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांगा है। खबर ये भी है कि कांग्रेस विधायक रवि जोशी भी चुनाव लड़ने के मूड में हैं। इस बीच कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने पार्टी को क्षेत्र के साढ़े 6 लाख आदिवासी वोटर्स को साधने का प्रस्ताव दिया है, जिसके बाद कांग्रेस में आदिवासी चेहरे की तलाश शुरू हो गई है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि कमलनाथ के सर्वे के बाद ही पिक्चर साफ होगी।
आइये आपको बताते हैं क्या है खंडवा लोकसभा सीट का गणित? खंडवा लोकसभा क्षेत्र में 4 जिलों की 8 विधानसभा सीटें आती हैं। खंडवा जिले की खंडवा, पंधाना और मांधाता, बुरहानपुर जिले की बुरहानपुर और नेपानगर, खरगोन जिले की बड़वाह और भीकनगांव और देवास जिले की बागली सीट। इनमें से 4 सीटें भीकनगांव, पंधाना, नेपानगर और बागली आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 15 जनवरी 2021 की गणना के अनुसार खंडवा लोकसभा क्षेत्र में 10 लाख 4 हजार 509 पुरुष और 9 लाख 54 हजार 854 महिलाएं यानी कुल 19 लाख 59 हजार 436 वोटर्स हैं।
बताया जा रहा है कि अरुण यादव राहुल गांधी से संपर्क में हैं। वहीं कमलनाथ ने साफ कर दिया है कि अरुण यादव ने अब तक टिकट की दावेदारी नहीं की है। लिहाजा पार्टी सर्वे करवा रही है, उसी के आधार पर टिकट मिलेगा। इधर कांग्रेस के हालात पर बीजेपी चुटकी ले रही है। कांग्रेस को लगता है कि खंडवा लोकसभा उपचुनाव के नतीजे 2024 में होने वाले आम चुनावों की पिक्चर क्लियर कर देंगे। लेकिन गुटबाजी ने कांग्रेस को फिर मुसीबत में डाल दिया है।

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