भोपाल, 12 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह ने बुधवार को कहा कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में कहीं न कहीं ‘‘कमजोरी’’ है और पहले मजबूत रहे युवा कांग्रेस तथा सेवादल जैसे संगठनों की जमीनी स्तर पर वह सक्रियता नहीं रह गई है, जो पहले हुआ करती थी।
उन्होंने हाल में हुए ‘जेन-जी’ प्रदर्शनों के मद्देनजर युवाओं से पार्टी का जुड़ाव बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में 2021 में शुरू की गई ‘बाल कांग्रेस’ को फिर सक्रिय करने की मांग की।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘‘बाल कांग्रेस लगभग निष्क्रिय हो गई है। कमलनाथ जी की एक सोच थी… वह जानते थे कि देश का नेतृत्व भविष्य में युवा करेंगे। लेकिन उनके पद से हटने के बाद संगठन और नेतृत्व ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से अनुरोध है कि इसे सक्रिय करें, ताकि आगामी चुनाव में इसका लाभ मिल सके।’’
गोविंद सिंह ने कहा, ‘‘पहले युवा कांग्रेस और सेवादल मजबूत हुआ करते थे, लेकिन अब इन संगठनों में जमीनी स्तर पर वह ताकत नहीं है, जो होनी चाहिए। सच्चाई यह है कि हमारे संगठन में कहीं न कहीं कमजोरी है।’’
कांग्रेस सेवादल पार्टी का जमीनी स्तर पर काम करने वाला स्वयंसेवी संगठन है।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गोविंद सिंह की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।
भाजपा नेता एवं मंत्री विश्वास सारंग ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि कांग्रेस की स्थिति लगातार खराब हो रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. गोविंद सिंह कांग्रेस के बहुत वरिष्ठ नेता हैं। अब जब वह अपनी बात कह रहे हैं तो कांग्रेस संगठन को निश्चित रूप से इस पर ध्यान देना चाहिए। चाहे कमलनाथ हों या डॉ. गोविंद सिंह, कांग्रेस ने दोनों को किनारे कर दिया है।’’
कांग्रेस के एक अन्य नेता ने कहा कि पार्टी के सामने ‘जेन-जी’ से जुड़ने की चुनौती है।
उन्होंने बताया कि 14 नवंबर, 2021 को तत्कालीन मध्यप्रदेश कांग्रेस इकाई ने कमलनाथ के नेतृत्व में ‘बाल कांग्रेस’ की शुरुआत की थी।
इसका उद्देश्य 14 से 20 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को पार्टी से जोड़ना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास और देश के इतिहास से परिचित कराना था। उस समय प्रदेश के सभी जिलों में संगठन की इकाइयां गठित करने की बात कही गई थी, लेकिन अब इसकी गतिविधियां जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देती हैं।
नेता ने कहा कि चार साल पहले किशोरों और युवाओं से जुड़ने के लिए बनाए गए इस संगठन की स्थिति आज लगभग अस्तित्वहीन हो गई है और इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘बाल कांग्रेस’ के माध्यम से पार्टी ने नयी पीढ़ी से जुड़ने का प्रयास किया था, लेकिन चार साल बाद संगठन की मौजूदा स्थिति चिंता का विषय है।
भाषा दिमो गोला
गोला