मणिपुर के त्रोंगलाओबी आईईडी हमले मामले में एनआईए ने पहली गिरफ्तारी की

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मणिपुर के त्रोंगलाओबी आईईडी हमले मामले में एनआईए ने पहली गिरफ्तारी की

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 11:43 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 11:43 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग शहर के त्रोंगलाओबी अवांग लीकाई इलाके में एक आवासीय मकान पर हुए आईईडी हमले के मामले में बुधवार को पहली गिरफ्तारी की।

अधिकारियों ने बताया कि इस साल सात अप्रैल को हुए हमले में दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था।

एनआईए की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, अज्ञात उग्रवादियों द्वारा पहाड़ी से त्रोंगलाओबी अवांग लीकाई की ओर विस्फोटक उपकरण फेंके जाने के बाद मोइरांग थाने में एक मामला दर्ज किया गया था।

बयान में कहा गया कि विस्फोट एक मकान की बाहरी दीवार से टकराया, जिससे परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बयान में कहा गया कि इनमें दो नाबालिग बच्चे भी शामिल थे, जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया।

आतंकवाद रोधी एजेंसी ने बताया कि घटनास्थल के पास एक बिना फटा इम्प्रोवाइज्ड रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) भी बरामद किया गया था।

बाद में जांच एनआईए ने अपने हाथ में ले ली और 23 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला फिर से दर्ज किया गया।

एनआईए ने कहा कि जांच के दौरान अपराध में आरोपी एस. पालाल थाडौ की संलिप्तता सामने आई। थाडौ को इससे पहले अलग-अलग मामलों में चुराचांदपुर पुलिस और बिष्णुपुर पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

बयान में कहा गया, ‘‘हमले के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाने के प्रयासों के तहत एनआईए ने उसे गिरफ्तार किया है। मामले में यह पहली गिरफ्तारी है।’’

बयान के अनुसार, आरोपी को इंफाल की विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

जांच एजेंसी ने कहा कि साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करने और हमले के पीछे के व्यापक नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

भाषा अमित

अमित