Nirmala Sapre Defection Case. Image Source- IBC24
जबलपुर। Nirmala Sapre Defection Case: मध्यप्रदेश की कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मामले में देरी को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई। याचिका में निर्मला सप्रे की विधायकी शून्य करने की मांग की गई है।
Nirmala Sapre Defection Case: सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशान्त सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में विधानसभा स्पीकर विधिवत सुनवाई कर रहे हैं और उमंग सिंघार द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच की प्रक्रिया जारी है।इस पर चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि दलबदल मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 90 दिन में निर्णय लेने की समयसीमा तय की गई है, फिर भी 720 दिनों में मामला क्यों लंबित है। उन्होंने महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को स्पीकर के संज्ञान में लाया जाए।
वहीं, याचिकाकर्ता उमंग सिंघार की ओर से अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल ने कोर्ट से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 90 दिनों की समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने 18 जून को निर्धारित की है।