Nirmala Sapre Defection Case: रद्द होगी इस कांग्रेस विधायक की सदस्यता? सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता की बातों पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, दिए ये अहम निर्देश

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रद्द होगी इस कांग्रेस विधायक की सदस्यता? सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता की बातों पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, Congress MLA Nirmala Sapre Defection Case

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  • Publish Date - April 29, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - April 29, 2026 / 06:54 PM IST

Nirmala Sapre Defection Case. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने दलबदल मामले में 720 दिन की देरी पर जताई नाराज़गी
  • सुप्रीम कोर्ट की 90 दिन की समयसीमा का उठाया गया मुद्दा
  • अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित

जबलपुर। Nirmala Sapre Defection Case: मध्यप्रदेश की कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मामले में देरी को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई। याचिका में निर्मला सप्रे की विधायकी शून्य करने की मांग की गई है।

Nirmala Sapre Defection Case: सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशान्त सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में विधानसभा स्पीकर विधिवत सुनवाई कर रहे हैं और उमंग सिंघार द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच की प्रक्रिया जारी है।इस पर चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि दलबदल मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 90 दिन में निर्णय लेने की समयसीमा तय की गई है, फिर भी 720 दिनों में मामला क्यों लंबित है। उन्होंने महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को स्पीकर के संज्ञान में लाया जाए।

वहीं, याचिकाकर्ता उमंग सिंघार की ओर से अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल ने कोर्ट से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 90 दिनों की समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने 18 जून को निर्धारित की है।

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दलबदल कानून क्या है?

दलबदल कानून (Anti-Defection Law) के तहत यदि कोई विधायक या सांसद पार्टी बदलता है, तो उसकी सदस्यता रद्द की जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने दलबदल मामलों के लिए क्या समयसीमा तय की है?

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों का निर्णय आदर्श रूप से 90 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए।

इस मामले में देरी क्यों हो रही है?

सरकार की ओर से कहा गया कि स्पीकर द्वारा साक्ष्यों की जांच प्रक्रिया जारी है, लेकिन कोर्ट ने देरी पर असंतोष जताया है।

अगली सुनवाई कब होगी?

मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होगी।

अगर विधायक दोषी पाए जाते हैं तो क्या होगा?

यदि दलबदल साबित होता है, तो विधायक की सदस्यता समाप्त हो सकती है और सीट खाली घोषित की जा सकती है।