आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने पर कांग्रेस विधायक का निर्वाचन अमान्य, उपविजेता निर्वाचित घोषित

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आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने पर कांग्रेस विधायक का निर्वाचन अमान्य, उपविजेता निर्वाचित घोषित

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 07:57 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 07:57 PM IST

ग्वालियर, नौ मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने नामांकन के दौरान लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के कारण विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 2024 के उपचुनाव में कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन ‘‘अमान्य’’ घोषित कर दिया है।

ग्वालियर पीठ के न्यायमूर्ति जी.एस. अहलूवालिया ने भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को इस सीट से निर्वाचित घोषित किया। रावत उस चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे।

एकल पीठ के आदेश में कहा गया है कि श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन ‘‘अमान्य’’ घोषित किया जाता है तथा दूसरे स्थान पर रहे भाजपा उम्मीदवार रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया जाता है। उपचुनाव में मल्होत्रा ने 7,364 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।

मल्होत्रा पर आरोप था कि उन्होंने नामांकन पत्र के साथ दाखिल शपथपत्र में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी, जिसके आधार पर अदालत ने उनका निर्वाचन निरस्त कर दिया।

रावत के अधिवक्ता एम.पी.एस. रघुवंशी ने कहा, ‘‘न्यायमूर्ति जी.एस. अहलूवालिया ने विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त करते हुए दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के रामनिवास रावत को विजयपुर से विधायक घोषित किया है।’’

उन्होंने बताया कि इस निर्णय की सूचना निर्वाचन आयोग को दी जाएगी।

रघुवंशी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय कई बार स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव लड़ने वाले किसी भी विधायक या सांसद को अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी शपथपत्र में देना अनिवार्य है।

रावत ने संवाददाताओं से कहा कि मल्होत्रा ने लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी।

उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले मल्होत्रा भारतीय जनता पार्टी में थे, जबकि वह स्वयं कांग्रेस के सदस्य थे।

भाषा

सं दिमो

रवि कांत सुरेश

सुरेश