मप्र विधानसभा परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन, भाजपा सरकार के ‘झूठे’ और ‘खोखले’ वादों का आरोप
मप्र विधानसभा परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन, भाजपा सरकार के ‘झूठे’ और ‘खोखले’ वादों का आरोप
भोपाल, 19 फरवरी (भाषा) विपक्षी कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में भाजपा नीत राज्य सरकार के कथित ‘झूठे’ और ‘खोखले’ वादों के विरोध में प्रदर्शन किया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा भवन के बाहर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन किया।
विधायक हाथों में थालियां लेकर नारेबाजी करते हुए सरकार पर जनता को बड़े-बड़े वादों के नाम पर ‘ख्याली पुलाव’ परोसने का आरोप लगाते दिखे।
सिंघार ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य की भाजपा सरकार केवल ‘झूठे’ और ‘खोखले’ वादों के सहारे चल रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नौकरियों को लेकर कई घोषणाएं कीं, लेकिन पिछले दो वर्षों में भर्तियां पूरी नहीं हो सकीं, जिससे बेरोजगार युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, ‘रोजगार के नाम पर युवाओं को केवल वादे और ‘ख्याली पुलाव’ ही दिया जा रहा है।’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को तीन हजार रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राहत देने के दावे कर रही है, लेकिन आम जनता बढ़ते बिजली बिलों के बोझ तले दबी हुई है। प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाइयों की कमी है, जो सरकार के दावों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह किसानों को खाद और बीज उपलब्ध कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार उन्हें समृद्धि के सपने दिखा रही है।
सिंघार ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर भी केवल आश्वासन ही दिए गए हैं। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है, लेकिन वास्तविक समस्याओं के समाधान के बजाय सरकार घोषणाओं और झूठे वादों का सहारा ले रही है।
उन्होंने कहा, “यह प्रदर्शन लोगों के अधिकारों, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है। कांग्रेस हर जनहित के मुद्दे को उजागर करती रहेगी और विधानसभा से लेकर सड़कों तक आवाज बुलंद करेगी।”
इस बीच, बुधवार को पेश किए गए बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से कहा कि यह बजट ‘बुद्धिमत्तापूर्ण नहीं, बल्कि अज्ञानतापूर्ण’ है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश पर करीब पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। चालू वित्त वर्ष में ही 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण लिया गया है। सरकार हर साल केवल ब्याज चुकाने में करीब 27 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
भाषा दिमो
मनीषा संतोष
संतोष

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