मप्र चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी कांग्रेस, सिंधिया की अनुपस्थिति से फर्क नहीं पड़ेगा : दिग्विजय

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मप्र चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी कांग्रेस, सिंधिया की अनुपस्थिति से फर्क नहीं पड़ेगा : दिग्विजय

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  • Publish Date - November 3, 2023 / 05:08 PM IST,
    Updated On - November 3, 2023 / 05:08 PM IST

(मनीष श्रीवास्तव)

भोपाल, तीन नवंबर (भाषा) मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करेगी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुपस्थिति से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने सिंधिया की बदौलत नहीं बल्कि अपने दम पर बड़ी संख्या में सीटें जीतीं थीं। उन्होंने कहा ‘‘अगर आप (2020 में) उपचुनावों के नतीजे देखें तो साफ पता चलता है कि पार्टी के पक्ष में उतने खराब परिणाम नहीं आए हैं। ग्वालियर और मुरैना में हमने (कांग्रेस पार्टी ने) स्थानीय निकाय चुनाव जीते हैं। इसलिए इसका पूरा श्रेय सिंधिया को देना ठीक नहीं है।’’

सिंह से पूछा गया था कि सिंधिया की अनुपस्थिति से कांग्रेस पर क्या असर पड़ेगा?

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 2018 में एक होकर चुनाव लड़ा था और इस बार भी पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनाव लड़ रही है।

मध्य प्रदेश में 2018 में संपन्न विधानसभा चुनाव में जीत के बाद, कांग्रेस ने 15 साल के अंतराल में राज्य में कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाई। लेकिन मार्च 2020 में सिंधिया और उनके प्रति वफादार विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने पर कांग्रेस की सरकार गिर गई।

विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘पहली बात तो यह है कि लोग भाजपा सरकार से बहुत नाराज हैं और यह कहने वाला मैं अकेला व्यक्ति नहीं हूं। ऐसा तो मीडिया भी कह रहा है।’’

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर है और लोग भाजपा से तंग आ चुके हैं वहीं कांग्रेस ने इस बार काफी तैयारी की है।

सिंह ने कहा ‘‘हमने पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ विद्रोह को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया है और अब केवल सात से आठ बागी ही चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए, इस बार हमारी तैयारी और जिस तरह से हमने स्थिति को नियंत्रित किया है, मुझे इस बार अच्छे नतीजे मिलने का भरोसा है।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य की 230 सीटों में से कुछ को छोड़कर 90-95 प्रतिशत निर्वाचन क्षेत्रों में टिकट बंटवारे को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि थोड़ा असंतोष तो था क्योंकि प्रत्येक सीट के लिए 10-12 उम्मीदवार थे।

उन्होंने कहा, ”यह कलह भाजपा में भी थी और मेरी जानकारी के अनुसार, इस बार भाजपा से बागी हुए ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं क्योंकि उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ली है।”

दल-बदल की स्थिति रोकने के लिए कांग्रेस द्वारा उठाए गए कदमों पर सिंह ने कहा, ‘‘जिन्हें जाना था वे पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। मुझे नहीं लगता कि उस मानसिकता का कोई भी व्यक्ति अब पार्टी में बचा है।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब उसकी विचारधारा के साथ गठबंधन करने वाले लोग हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वे किसी के साथ समझौता नहीं करेंगे। ‘‘इसके अलावा हमने राजनीतिक प्रबंधन से भी बहुत कुछ सीखा है। पहले जो छोटी-मोटी गलतियां हुईं, उन्हें दोहराया नहीं जाएगा।’’

सत्तर वर्षीय कांग्रेस नेता ने राज्य में 130 से अधिक सीटें जीतने का भरोसा जताया।

मध्य प्रदेश में 230 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत की सरकार बनाने के लिए पार्टी के 116 विधायकों का निर्वाचित होना जरूरी है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर अपने बेटों को राजनीति में बढ़ावा देने का आरोप है जिसे सिंह ने ‘‘पूरी तरह गलत’’ बताया।

टिकट बंटवारे के लेकर कमलनाथ की दिग्विजय सिंह और उनके बेटे पर टिप्पणी के बारे में कांग्रेस नेता ने कहा कि इसे उस संदर्भ को देखना चाहिए जिसमें यह बयान दिया गया था।

भाजपा ने कमलनाथ के बयान को पार्टी में कलह का संकेत करार दिया था।

उन्होंने कहा ‘‘यह कथन सिर्फ एक जुमला था। मेरा मानना है कि राजनीति में रहने वालों को मोटी चमड़ी वाला होना चाहिए। मैंने कभी इन बातों पर ध्यान ही नहीं दिया। उन्हें जो कहना है, कहने दीजिए, लेकिन मैं अपने तरीके से चलता हूं।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह और कमलनाथ 40 साल से अधिक समय से दोस्त हैं।

चौहान द्वारा पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने की स्पष्ट इच्छा जताने पर सिंह ने कहा, ‘‘उन्हें ऐसा सोचने दीजिए, लेकिन राज्य में लोग उनसे ऊब चुके हैं।’’

‘नर्मदा पदयात्रा’ सहित अपने पैदल मार्च के बारे में सिंह ने कहा कि ऐसी यात्राओं का अपना महत्व है और ‘‘मैं हमेशा कहता हूं कि ‘रमता जोगी, बहता पानी।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को भी ऐसी यात्राओं के महत्व के बारे में सिखाया है, सिंह ने कहा, ‘‘वह (राहुल) खुद ऐसा करना चाहते थे।’’

हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित विपक्षी नेताओं को समन भेजे जाने के बारे में सिंह ने कहा, ‘‘ यह बहुत खतरनाक बात है। राजनीतिक हिसाब बराबर करने के लिए ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के माध्यम से निर्दोषों को निशाना बनाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है।’’

2018-2019 और 2023-2024 की स्थिति में अंतर पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि 2018-19 में, विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि इस बार यह आकार ले चुका है और उनकी पार्टी इसी के आधार पर 2024 का चुनाव लड़ेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है, महंगाई बढ़ रही है और लोग उनसे नाराज है। एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।’’

मध्य प्रदेश में विपक्षी घटक दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से कांग्रेस की संभावनाओं पर असर पड़ने के सवाल पर सिंह ने कहा कि इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी 130 से अधिक सीटों के बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।’’

भाजपा द्वारा सिंह को मिस्टर बंटाधार कहने और 1993 से 2003 तक मुख्यमंत्री रहते हुए कुछ नहीं करने के आरोप लगाए जाने पर सिंह ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे उस समय शिशु मृत्यु दर बहुत कम थी और तब सत्ता का विकेंद्रीकरण हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार ने एससी/एसटी व्यक्तियों को भूमि अधिकार भी प्रदान किये।

उन्होंने कहा ‘‘लेकिन वे (भाजपा) आसानी से इन सभी चीजों को भूल जाते हैं। यह मेरा दुर्भाग्य था कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब मैं सत्ता में नहीं था क्योंकि पहले केंद्रीय करों से केवल 28 प्रतिशत धन आता था अब यह बढ़कर 42 फीसदी हो गया है। केंद्र सरकार से मुझे वह सहयोग नहीं मिला, जो मिलना चाहिए था। फिर भी हम कामयाब रहे।’’

भाषा दिमो जितेंद्र मनीषा

मनीषा