Legal Notice for Birthday Party: वादा करने के बाद भी नहीं दी बर्थडे पार्टी, तो दोस्त ने वकील को भेजा नोटिस, कर दी इतने हजार की डिमांड

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Legal Notice for Birthday Party: वादा करने के बाद भी नहीं दी बर्थडे पार्टी, तो दोस्त ने वकील को भेजा नोटिस, कर दी इतने हजार की डिमांड

Legal Notice for Birthday Party: वादा करने के बाद भी नहीं दी बर्थडे पार्टी, तो दोस्त ने वकील को भेजा नोटिस, कर दी इतने हजार की डिमांड /image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • बर्थडे पार्टी नहीं देने पर वकील मित्र को कानूनी नोटिस
  • नोटिस में 41,250 रुपये क्षतिपूर्ति की मांग
  • दूसरे पक्ष ने पार्टी देने और बिल होने का दावा किया

दमोह। Legal Notice for Birthday Party: दमोह में दो वकील मित्रों के बीच शुरू हुई एक अनोखी कानूनी लड़ाई इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। मामला किसी जमीन-जायदाद, लेनदेन या अपराध का नहीं, बल्कि जन्मदिन की पार्टी का है। आरोप है कि पार्टी का वादा करने के बावजूद पार्टी नहीं देने पर एक अधिवक्ता ने अपने ही अधिवक्ता मित्र को कानूनी नोटिस (Lawyer Sends Notice to Friend) भेज दिया। नोटिस के जरिए मानसिक और शारीरिक क्षति सहित कुल 41 हजार 250 रुपये की क्षतिपूर्ति (Rs 41250 Compensation Demand) की मांग की गई है।

इकरारनामा के बाद भी नहीं दी पार्टी (Birthday Party Controversy)

दरअसल जिला न्यायालय के अधिवक्ता गोविंद तिवारी का जन्मदिन 10 अगस्त को था। जानकारी के अनुसार उनके अधिवक्ता मित्रों ने उनसे जन्मदिन की पार्टी मांगी थी। बताया जा रहा है कि गोविंद तिवारी ने अगले रविवार पार्टी देने का आश्वासन दिया, लेकिन निर्धारित समय पर पार्टी नहीं होने के बाद 23 अगस्त को पार्टी देने को लेकर एक तरह का इकरारनामा भी कराया गया, जिस पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर होने की बात सामने आई है। आरोप है कि इसके बावजूद पार्टी नहीं मिलने पर अधिवक्ता विशाल सिंह राजपूत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से गोविंद तिवारी को कानूनी नोटिस भेजा गया और उसमें 41,250 रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई। हालांकि इस पूरे मामले में दूसरा पक्ष भी अपनी सफाई दे रहा है।

मैंने जन्मदिन की पार्टी दी थी : अधिवक्ता गोविंद तिवारी (Birthday Party Legal Notice)

Legal Notice for Birthday Party अधिवक्ता गोविंद तिवारी के अनुसार उन्होंने जन्मदिन की पार्टी दी थी और उनके पास पार्टी से संबंधित बिल भी मौजूद है। उनका कहना है कि नोटिस में लगाए गए आरोपों का कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा। अब मामला दो अधिवक्ताओं के बीच है, लिहाजा जवाब भी कानून के रास्ते से ही दिया जाएगा। जन्मदिन की पार्टी से शुरू हुआ यह विवाद आगे कानूनी दांव-पेच में कितना उलझता है या आपसी बातचीत से सुलझ जाता है, यह तो आने वाला समय बताएगा। फिलहाल ‘पार्टी नहीं मिली तो नोटिस मिला’ वाला यह मामला दमोह के अधिवक्ता जगत में चर्चा का विषय जरूर बना हुआ है।

Damoh Latest News जन्मदिन की पार्टी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी नोटिस तक पहुंच चुका है। एक ओर 41 हजार 250 रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है, तो दूसरी ओर पार्टी दिए जाने का दावा करते हुए बिल मौजूद होने की बात कही जा रही है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मानना है कि आपसी मित्रता और बार के माहौल को देखते हुए इस विवाद को बातचीत और आपसी सुलह के जरिए समाप्त किया जाना बेहतर होगा।

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यह अनोखा मामला कहां का है?

यह मामला मध्य प्रदेश के दमोह जिले का बताया जा रहा है।

कानूनी नोटिस क्यों भेजा गया?

आरोप है कि जन्मदिन की पार्टी देने का वादा करने के बावजूद पार्टी नहीं दी गई, जिसके बाद नोटिस भेजा गया।

कितने रुपये की क्षतिपूर्ति मांगी गई?

नोटिस के जरिए 41,250 रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है।

दूसरे वकील का क्या कहना है?

अधिवक्ता गोविंद तिवारी का दावा है कि उन्होंने जन्मदिन की पार्टी दी थी और उनके पास पार्टी से संबंधित बिल भी मौजूद हैं।

क्या मामला कोर्ट तक पहुंच गया है?

फिलहाल मामला कानूनी नोटिस और जवाबी कार्रवाई के स्तर पर है। आगे यह कानूनी लड़ाई बनेगा या आपसी सहमति से सुलझेगा, यह देखना बाकी है।