वाहन क्षेत्र को बड़े पैमाने पर वैश्विक नेतृत्व हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए: उद्योग जगत

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वाहन क्षेत्र को बड़े पैमाने पर वैश्विक नेतृत्व हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए: उद्योग जगत

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 01:03 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 01:03 PM IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) भारत के वाहन क्षेत्र को केवल मजबूती पर ध्यान देने से आगे बढ़कर देश में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, प्रौद्योगिकी से समृद्ध और टिकाऊ मूल्य श्रृंखलाएं विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए। उद्योग जगत के दिग्गजों ने बुधवार को यह बात कही।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष शैलेश चंद्र ने यहां ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के वार्षिक सत्र में कहा कि वाहन उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है और इसमें बड़े पैमाने पर उत्पादन तथा वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने की अपार क्षमता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगला चरण मजबूती को वैश्विक प्रतिस्पर्धा, प्रौद्योगिकी नेतृत्व, बड़े पैमाने पर उत्पादन और वैश्विक नेतृत्व में बदलने का होना चाहिए।’’

चंद्र ने कहा कि भारतीय वाहन और वाहन कलपुर्जा क्षेत्रों ने निर्यात सहित रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है।

सियाम के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘भारत दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण वाहन विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र बन रहा है।’’

चंद्र ने कहा, ‘‘इसलिए हमारे सामने अवसर केवल आयात के विकल्प तैयार करने तक सीमित नहीं है। हमारे मौजूदा पैमाने और वृद्धि की गति को देखते हुए हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया के प्रमुख वाहन विनिर्माण और परिवहन केंद्रों में शामिल करना होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय वाहन क्षेत्र को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ‘मेड इन इंडिया’ गुणवत्ता, प्रौद्योगिकी, विश्वसनीयता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का पर्याय बने।

आयात के विकल्प तैयार करने से आगे बढ़कर ‘‘भारत में डिजाइन, भारत में निर्माण और भारत से निर्यात’’ की जरूरत पर जोर देते हुए चंद्र ने कहा कि आत्मनिर्भरता और अलग-थलग रहने के बीच महत्वपूर्ण अंतर है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य खुद को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से अलग करना नहीं होना चाहिए। इसके बजाय भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एक पसंदीदा केंद्र बनना चाहिए।‘‘

इसी कार्यक्रम में मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने बुधवार को कहा कि वैश्विक वाहन उद्योग में भारत के पास एक विश्वसनीय विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला केंद्र के रूप में उभरने का बड़ा अवसर है। लागत अब एकमात्र प्राथमिकता नहीं रह गई है और विश्वसनीयता तथा परिचालन की निरंतरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।

एसीएमए के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए ताकेउची ने कहा कि उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता को वास्तव में मजबूत करने के लिए भारत में बने उत्पादों में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ उत्पादों से मुकाबला करने की क्षमता होनी चाहिए और ‘‘गुणवत्ता हमारी पहचान बननी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दशक ने हमें व्यवधानों का सामना करना सिखाया। अगले दशक में हमें व्यवधानों से और मजबूत बनना सीखना होगा।’’

भाषा निहारिका

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