दमोह: Damoh Flood News: जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पथरिया तहसील के केवलारी गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गांव के बीच से बहने वाली साँझली नदी और पीला नाला उफान पर हैं, जिनका पानी गांव में घुस गया है।
Damoh Flood News: जानकारी के मुताबिक गांव के कई घरों में 2 फीट से ज्यादा पानी भर चुका है। पानी का स्तर लगातार बढ़ने से गांव वालों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 150 से ज्यादा लोग इस बाढ़ में फंसे हुए हैं। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार बारिश से मुश्किलें बढ़ गई हैं।
Damoh Flood News: ग्रामीणों ने बताया कि गाँव का पथरिया मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है, जिससे राहत सामग्री और बचाव दलों के पहुंचने में देरी हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। गौरतलब है कि दमोह समेत आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं। ऐसे में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
दमोह जिले के किन क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे अधिक असर है?
दमोह जिले के केवलारी गांव और पथरिया तहसील के अन्य हिस्सों में बाढ़ के हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं, जहां साँझली नदी और पीला नाला उफान पर हैं।
केवलारी गांव में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
लगभग 150 से ज्यादा ग्रामीण इस बाढ़ में फंसे हुए हैं और कई घरों में 2 फीट से ज्यादा पानी भर चुका है।
बाढ़ के दौरान प्रशासन की ओर से क्या राहत उपाय किए जा रहे हैं?
प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है और बाढ़ राहत कार्य जारी हैं, हालांकि लगातार बारिश से पहुंच में दिक्कत आ रही है।
बाढ़ के कारण पथरिया मुख्यालय से संपर्क क्यों टूटा है?
बाढ़ के कारण सड़कों पर पानी भर गया है और संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे पथरिया मुख्यालय से केवलारी गांव का संपर्क टूट गया है।
बाढ़ से बचाव के लिए ग्रामीणों को क्या करना चाहिए?
ग्रामीणों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी चाहिए और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहना चाहिए।