CG Dhan Bonus 2026: धान के बोनस को लेकर सीएम साय का बड़ा ऐलान, सोशल मीडिया पर बताया कब अन्नदाताओं के खाते में आएगा पैसा / Image: IBC24 Customized
रायपुर: CG Dhan Bonus 2026 छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 31 जनवरी को खत्म हो चुकी है। हालांकि सरकार ने ऐसे किसानों के लिए दो दिन की मोहलत और दी थी जिनका टोकन कट गया था और धान नहीं बेच पाए थे। वहीं, अब किसानों को धान के भुगतान का इंतजार है, साथ ही बोनस की रकम की बाट जोह रहे हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ में धान की सबसे ज्यादा 3100 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाता है। समर्थन मूल्य के अलावा सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं को ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत बोनस का भुगतान करती है।
CG Dhan Bonus 2026 मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार ने किसानों को धान के बोनस की रकम का भुगतान करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। सरकार ने 11 फरवरी 2026 को हुई कैबिनेट की बैठक में किसानों को बोनस भुगतान की तारीख तय कर दी है। मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
बता दें कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा।
मेरे अन्नदाता भाइयों-बहनों की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
आज मंत्रिपरिषद में हमने एक महत्वपूर्ण और किसान-हितैषी निर्णय लिया है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली से पहले एकमुश्त प्रदान की जाएगी। लगभग ₹10,000… pic.twitter.com/BDdlG17P34
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 11, 2026
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रुपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रुपए हो जाएगी।
ज्ञात हो कि इस सीजन में राज्य सरकार ने लगभग 1.57 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदने का नया कीर्तिमान रचा है। इस साल लगभग 27 लाख से अधिक किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है।