इंदौर (मध्यप्रदेश), 31 अगस्त (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में इंदौर में 12 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है।
मध्यप्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इस आयोजन के लिए नगर निगम के अधीन जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की अनुमति मांगी है, जबकि शहरी निकाय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के एक पुराने आदेश का हवाला देकर मंजूरी प्रदान करने में असमर्थता जता रहा है।
कांग्रेस की इंदौर इकाई के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राहुल गांधी के प्रभाव से डरी हुई है, इसलिए नगर निगम नेहरू स्टेडियम में उनके कार्यक्रम की अनुमति देने में जानबूझकर अड़ंगे डाल रहा है।
चौकसे के मुताबिक कांग्रेस इस कार्यक्रम में इंदौर और इसके आस-पास के 50,000 विद्यार्थियों को जुटाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नेहरू स्टेडियम में गांधी के कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली, तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
चौकसे ने कहा,‘‘जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के लिए नेहरू स्टेडियम मुहैया कराया जा सकता है, तो इसमें लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष के कार्यक्रम के लिए अनुमति देने में क्या हर्ज है?’’
दूसरी ओर, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नेहरू स्टेडियम को लेकर उच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है जिसके तहत वहां खेलकूद गतिविधियों या राज्यस्तरीय शासकीय कार्यक्रमों के आयोजन की ही अनुमति दी जा सकती है।
महापौर ने यह भी तर्क दिया,‘‘गांधी के कार्यक्रम में 50,000 विद्यार्थियों के जुटने का दावा किया जा रहा है, जबकि नेहरू स्टेडियम की क्षमता केवल 25,000 लोगों की है। लिहाजा 50,000 लोगों के एकत्र होने के लिहाज से यह स्टेडियम वैसे भी छोटा पड़ेगा।’’
‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया विद्यार्थी-संवाद अभियान है जिसके तहत देश के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विपक्षी दल इस अभियान के जरिये प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ भाजपा को घेरने का प्रयास कर रहा है।
भाषा हर्ष राजकुमार
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