सरकारी स्कूलों में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र आईटीआई, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का रुख कर रहे : सावंत

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सरकारी स्कूलों में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र आईटीआई, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का रुख कर रहे : सावंत

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 06:58 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 06:58 PM IST

पणजी, 31 अगस्त (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को राज्य विधानसभा को जानकारी दी कि सरकारी स्कूलों की पढ़ाई बीच में छोड़ देने वाले छात्र अब आजीविका के लिए नौकरी दिलाने वाले विकल्पों को तेजी से अपना रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये छात्र अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिला ले रहे हैं, निजी संस्थानों से काम सिखाने वाले अलग-अलग कोर्स कर रहे हैं और इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), होटल तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के रास्ते चुन रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की दर को लेकर निर्दलीय विधायक एंटोनियो वास द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री सावंत ने यह जानकारी दी।

शिक्षा विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि ‘यूडाइज प्लस’ (यूनाइटेड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) और अन्य स्रोतों के आंकड़ों से पता चलता है कि सरकारी स्कूल छोड़ने वाले छात्र विभिन्न शैक्षणिक और रोजगार के विकल्पों को चुन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इन छात्रों में से कई ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिला लिया है, कुछ ने गोवा माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से ‘प्राइवेट’ परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा दी है, तो कुछ ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), होटल और पर्यटन उद्योगों में रोजगार-परक निजी कोर्स का सहारा लिया है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बीच सरकार ने छात्रों को स्कूल छोड़ने से रोकने और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं।

उन्होंने बताया कि सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर में सुधार के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया गया है, जबकि ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ और ‘समर्थ-एक्स ई-गवर्नेंस पोर्टल’ को क्रियान्वित किया गया है ताकि छात्रों की उपस्थिति और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर नजर रखी जा सके और उन छात्रों की पहचान की जा सके जो पढ़ाई बीच में ही छोड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मूल्यांकन केंद्र ‘परख’ (समग्र विकास के लिए ज्ञान का प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा और विश्लेषण) के तहत नियमित मूल्यांकन भी किया जा रहा है ताकि शैक्षणिक प्रदर्शन की निगरानी की जा सके और स्कूल से पढ़ाई छोड़ने की संभावना वाले छात्रों की पहचान हो सके।

सरकार पढ़ाने और सीखने के तरीके को अधिक छात्र-केंद्रित बनाने के लिए अपने स्कूलों को स्मार्ट बोर्ड और इंटरनेट सुविधाओं सहित डिजिटल बुनियादी ढांचे से लैस कर रही है।

‘पीएम श्री’ योजना के तहत राज्य के 28 सरकारी स्कूलों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सावंत ने कहा कि छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा की ओर आकर्षित करने और उनके करियर तथा रोजगार के अवसरों में सुधार के लिए राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के तहत कौशल-आधारित विषय भी शुरू किए गए हैं।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश