शह मात The Big Debate: दिग्गी करेंगे राम दर्शन, कैसे हुए हृदय परिवर्तन? भाजपा ने कसा तंज कसते हुए पूछे सवाल, जानें कांग्रेस की तरफ से क्या आया जवाब

Digvijay Singh Ramlala Darshan: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अयोध्या में राम लला के दर्शन करने जा रहे हैं।

शह मात The Big Debate: दिग्गी करेंगे राम दर्शन, कैसे हुए हृदय परिवर्तन? भाजपा ने कसा तंज कसते हुए पूछे सवाल, जानें कांग्रेस की तरफ से क्या आया जवाब

Digvijay Singh Ramlala Darshan/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: March 25, 2026 / 11:53 pm IST
Published Date: March 25, 2026 11:53 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अयोध्या में राम लला के दर्शन करने जा रहे हैं।
  • दिग्विजय सिंह रामनवमी के दिन अब राम लला के दर्शन करेंगे।
  • भाजपा इसका स्वागत तंज में कर रही है कि चलो किसी तरह सद्बुद्धि तो आई उन्हें।

Digvijay Singh Ramlala Darshan: भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अयोध्या में राम लला के दर्शन करने जा रहे हैं। सुनने में ये एक सामान्य सूचना आपको लग सकती है, मगर है नहीं। जब अयोध्या में राम लला विराजित हो रहे थे, तब मुहूर्त से लेकर कई मसलों पर दिग्विजय सिंह ने सबसे ज्यादा मुखर विरोध किया था। उन्होंने इसे सनातन धर्म शास्त्रों के विरुद्ध तक बता दिया था। वहीं दिग्विजय सिंह रामनवमी के दिन अब राम लला के दर्शन करेंगे। भाजपा इसका स्वागत तंज में कर रही है कि चलो किसी तरह सद्बुद्धि तो आई उन्हें। (Digvijay Singh Ramlala Darshan) सवाल भी पूछे जा रहे हैं कि राहुल गांधी और प्रियंका भी आगे कभी अयोध्या जायेंगे क्या?

कांग्रेस जानती है कि दिग्विजय सिंह का सनातन धर्म का पैरोकार दिखना उनकी मान्य छवि के अनुरूप तो नहीं है, मगर उसकी हमेशा से मज़बूरी रही है कि वो अपने बड़े नेता को धार्मिक तो ठहराए ही। कांग्रेस दावा कर रही है कि दिग्विजय सिंह बहुत बड़े सनातनी हैं राम मंदिर निर्माण में भी उन्होंने चंदा दिया है… (Digvijay Singh Ramlala Darshan)  और उनके राघवगढ़ के राघवजी महाराज के मंदिर में रोज पूजा होती है। कांग्रेस उलटा सवाल दाग रही है कि बीजेपी का राम मंदिर से क्या लेना देना,मंदिर के ताले राजीव गांधी ने खुलवाए थे।

मसला सिर्फ राम लला के दर्शन का नहीं है। सवाल ये है कि ऐसे वक्त में जब बतौर राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है और उनके दोबारा आने पर संशय के बादल हैं तब इस पूजा पाठ के कोई राजनैतिक मायने भी हैं क्या? क्या दिग्विजय सिंह सॉफ्ट हिन्दुत्व की राह पर चलकर अपनी मौलाना दिग्विजय वाली (Digvijay Singh Ramlala Darshan)  छवि से बाहर आना चाहते हैं। इसके अलावा सबसे बड़ा सवाल ये कि कुछ दिनों पहले संघ की तारीफ़ करना, फिर अयोध्या जाना क्या भाजपा की प्रतीकात्मक करीबी की चाह तो नहीं।

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