धार्मिक आस्था के नाम पर ‘लूट’ के खिलाफ 20 अक्टूबर से ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालेंगे दिग्विजय

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धार्मिक आस्था के नाम पर ‘लूट’ के खिलाफ 20 अक्टूबर से ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालेंगे दिग्विजय

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  • Publish Date - September 10, 2026 / 12:35 PM IST,
    Updated On - September 10, 2026 / 12:35 PM IST

भोपाल, 10 सितंबर (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने धार्मिक आस्था के नाम पर कथित ‘‘लूट’’ और श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ के विरोध में 20 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने की घोषणा की है।

सिंह ने बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि विजयादशमी के दिन शुरू होने वाली यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं होगी, बल्कि पारदर्शिता, सत्य और आस्था की रक्षा तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की जाएगी।

उन्होंने यात्रा में शामिल होने के इच्छुक लोगों के लिए एक गूगल फॉर्म भी जारी किया है, जिसके माध्यम से पंजीकरण कराया जा सकता है।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से शुरू होकर अयोध्या पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा अगले वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले निकाली जा रही है।

सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस मामले में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी तथा चढ़ावे के पैसे से निजी संपत्तियां और वाहन खरीदे जाने के मामले सामने आए हैं। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों सनातनियों की आस्था और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। ‘‘हमारी आस्था और हमारे चढ़ावे की लूट हुई है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’

सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए गठित न्यास से संबद्ध लोग चढ़ावे की कथित लूट में शामिल हैं और पूरी सरकार चंपत राय को बचाने में लगी रही। राय ने हाल में राम मंदिर न्यास के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था।

राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने 1988-89 में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा शुरू किए गए राम शिला पूजन अभियान में हिस्सा लिया था और अपनी क्षमता के अनुसार दान दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में श्रद्धालुओं से मिले चढ़ावे का विहिप, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने दुरुपयोग किया।

सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है और इसी भावना के साथ उन्होंने उज्जैन के शिवधाम से अयोध्या के रामधाम तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने का फैसला किया है।

उन्होंने बताया कि यात्रा का आदर्श वाक्य ‘‘यतो धर्मस्ततो जयः’’ (जहां धर्म है, वहां विजय है) होगा।

सिंह ने कहा कि यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि धर्म और आस्था के नाम पर कथित भ्रष्टाचार एवं लूट के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करना है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वे धर्म के नाम पर हो रही कथित लूट और अधर्म के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं तो यात्रा में शामिल हों। सिंह ने कहा, ‘‘आइए, एकजुट होकर सनातन स्वाभिमान की इस यात्रा को हर व्यक्ति तक पहुंचाएं।’’

भाषा दिमो

मनीषा

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