इंदौर, 18 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में पिछले तीन वर्षों के दौरान प्राथमिक विद्यालयों में ‘ड्रॉपआउट’ दर (पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत) शून्य हो गई है।
यादव नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर ‘स्कूल चलें हम अभियान’ के तहत इंदौर के शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं से संवाद किया और उन्हें मिठाई खिलाई।
यादव ने संवाददाताओं से कहा, “हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि राज्य में बीते तीन वर्षों के दौरान प्राथमिक शिक्षा में ‘ड्रॉपआउट’ दर शून्य हो गई है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा के क्षेत्रों में नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में मध्यप्रदेश देशभर में अग्रणी रहा है।
इस बीच, यादव ने इंदौर में 557 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ‘आईटी पार्क-3’ का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पार्क, उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (यूआईएमआर) और इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारे के जरिये इंदौर को आईटी एवं सेवा क्षेत्र के बड़े राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं से डिजिटल अर्थव्यवस्था को नयी गति मिलेगी।
यादव ने राज्य सरकार के ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत शहर के लिम्बोदी में तालाब को गहरा करने के जारी काम का जायजा लिया और श्रमदान भी किया।
उन्होंने देकर कहा कि जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन में जन भागीदारी अहम है।
यादव ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा।
भाषा
हर्ष पारुल
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