नहीं चलेगा ’अंडे का फंडा’, अपनी ही सरकार को चुनौती दे बैठे नेताजी, जानिए कौन हैं ये दिलेर

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  • Publish Date - September 4, 2022 / 11:53 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:53 PM IST

Political ruckus over eggs in Madhya Pradesh : भोपाल – मध्यप्रदेश एक बार फिर अंडा और चिकन पर सियासी विवाद गहरा गया है। दरअसल, मध्यप्रदेश में डेढ़ सौ से ज्यादा बालगृहों, आश्रय और संप्रेषण गृह में रहने वाले किशोरों को अब सप्ताह में एक बार चिकन और चार दिन अंडा परोसा जाएगा। जो शाकाहारी हैं, उन्हें गुड़-मूंगफली और 100 ग्राम पनीर दिया जाएगा। महिला बाल विकास विभाग ने किशोरों के लिए पोषण आहार के मानक तय कर दिए हैं। प्रदेश में इस समय 150 से अधिक संप्रेषण गृह, बालगृह, विशेष गृह, शिशुगृह के साथ 30 सरकारी और 97 अशासकीय संस्थाएं हैं, जिनमें बाल अपराधियों, बेसहारा, गुमशुदा, भीख मांगने वाले, निराश्रित, अनाथ आदि को रखा जाता है।>>*IBC24 News Channel के WHATSAPP  ग्रुप से जुड़ने के लिए  यहां CLICK करें*<<

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Political ruckus over eggs in Madhya Pradesh : विभाग ने इससे पहले आंगनवाड़ियों में अंडा देने का प्रस्ताव बनाया था। तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रहीं इमरती देवी ने इसकी पेशकश की थी, लेकिन भाजपा ने इसका विरोध किया था। बाद में भाजपा की सरकार आने के बाद भी इमरती देवी ने यही बात दोहराई। लेकिन प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया। अब विभाग ने मप्र किशोर न्याय नियम की अधिसूचना में इसे शामिल किया है। सूत्रों का कहना है कि बाद में चिकन-अंडा खिलाने को विस्तार दिया जा सकता है। संभवत: यह पहली बार है कि इस तरह के मानक तय किए गए हैं। इसकी अधिसूचना 25 अगस्त को जारी हुई है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है मध्यप्रदेश में अंडे का फंडा नहीं चलेगा। किसी भी कीमत पर ये प्रस्ताव लागू नहीं होगा। उधर बीजेपी सरकार कांग्रेस के निशाने पर है।

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Political ruckus over eggs in Madhya Pradesh : आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि जब इमरती देवी कांग्रेस सरकार में मंत्री थी तब उन्होनें कहा था कि अंडे को मिडडे मिल में शामिल करने से पहले बाकायदा डॉक्टरों से सलाह ली है। उन्होनें कहा था कि महाराष्ट्र सरकार भी वहां पर साल 2016 से मिडडे मिल में अंडा दे रही है। दरअसल, पहले आदिवासी और अति कुपाषित बच्चों वाली आंगनवाडियों में ही अंडा देने की बात थी, लेकिन बीजेपी के विरोध के बाद इस मामले ने विवाद का रूप अख्तियार कर लिया।

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Political ruckus over eggs in Madhya Pradesh : पहले भी बीजेपी ने इस योजना का जमकर विरोध किया था। बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि आंगनबाडियों में अंडा बांटना लोगों के धर्म और आस्था के साथ खिलावाड किया जा रहा है बीजेपी इसका विरोध करती है।

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