मुरैना, 18 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पत्नी से विवाद के चलते अपने चार वर्षीय बेटे का स्कूल से कथित तौर पर अपहरण करने वाले एक व्यक्ति को राजस्थान के पाली से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी निलेश राजपूत ने अपनी अलग रह रही पत्नी द्वारा बेटे से मिलने नहीं देने से नाराज होकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
मुरैना के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि तीन दिन तक चले तलाशी अभियान के बाद बच्चे कार्तिकेय को राजस्थान के पाली से सकुशल बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने दो अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर बच्चे के अपहरण की साजिश रची थी।
मीणा ने कहा, ‘‘बच्चे को पाली से सकुशल बरामद कर लिया गया है। पिछले 72 घंटे के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचा गया।”
उन्होंने बताया कि अपहरण की घटना में कथित रूप से शामिल दो अन्य आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी और उसकी पत्नी के बीच विवाद के बाद दोनों अलग-अलग रह रहे थे। महिला अपने बेटे के साथ मुरैना में अपनी मां के घर रह रही थी।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि पत्नी द्वारा बेटे से मिलने नहीं देने के कारण उसने उसका अपहरण किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने 14 जुलाई को स्कूल की छुट्टी के बाद बेटे का कथित तौर पर अपहरण किया और एक साथी के साथ स्कूटर से फरार हो गया।
उन्होंने बताया कि बाद में दोनों ने चंबल नदी पुल के पास स्कूटर छोड़ दिया और दूसरे वाहन से राजस्थान चले गए।
जांच में पता चला कि आरोपी और उसके दो साथी अपहरण से पहले 12 दिनों तक मुरैना के एक लॉज में ठहरे थे। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर अपहरण की योजना बनाई और स्कूल क्षेत्र की रेकी की।
पुलिस ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल किया गया स्कूटर लॉज संचालक का था।
उन्होंने बताया कि पूरी घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसमें आरोपी बच्चे को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिया। इसी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार बच्चे की मां ने शुरुआत में सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे व्यक्ति को अपना पति मानने से इनकार किया था, लेकिन बाद में उसने जांच में सहयोग किया। लॉज संचालक ने भी फुटेज में आरोपी की पहचान की, जिससे पुलिस को घटना की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।
भाषा सं दिमो वैभव
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