श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), 18 जुलाई (भाषा) देश के पहले निजी कक्षीय रॉकेट के प्रक्षेपण को शनिवार को यहां ‘‘अस्थायी रूप से रोक’’ (प्लान्ड होल्ड) दिया गया। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि ‘ऑटोमेटेड लॉन्च सीक्वेंस’ (एएलएस) जल्द ही फिर से शुरू होने की संभावना है।
‘ऑटोमेटेड लॉन्च सीक्वेंस’ वह स्वचालित प्रक्रिया होती है, जो रॉकेट के प्रक्षेपण से कुछ मिनट या सेकंड पहले कंप्यूटर द्वारा नियंत्रित की जाती है। इस दौरान कंप्यूटर बिना मानवीय हस्तक्षेप के क्रमवार कई महत्वपूर्ण जांच और कार्रवाइयां करता है।
स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित ‘विक्रम-1’ रॉकेट का प्रक्षेपण पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे निर्धारित था। बताया जा रहा है कि नेविगेशन प्रणाली से जुड़ी समस्या के कारण प्रक्षेपण पर अस्थायी रोक लगाई गई।
हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि ‘‘प्लान्ड होल्ड’’ का सटीक अर्थ क्या है। सूत्रों ने बताया कि ऑटोमेटेड लॉन्च सीक्वेंस (एएलएस) शीघ्र ही फिर से शुरू होने की संभावना है और प्रक्षेपण का समय बदलकर शनिवार दोपहर 12:05 बजे कर दिया गया है।
भाषा गोला वैभव
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