मप्र : घरेलू सहायक से मारपीट के आरोप में क्रिकेटर शशांक सिंह के खिलाफ प्राथमिकी

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मप्र : घरेलू सहायक से मारपीट के आरोप में क्रिकेटर शशांक सिंह के खिलाफ प्राथमिकी

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 04:56 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 04:56 PM IST

भोपाल, 30 जून (भाषा) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पंजाब किंग्स की ओर से खेलने वाले क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी पिता शैलेश सिंह के खिलाफ एक घरेलू सहायक की शिकायत पर भोपाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता ने दोनों पर कथित रूप से बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है।

शशांक सिंह ने हालांकि इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता विपेंद्र सिंह तोमर को खाना बनाना नहीं आता था और वह भरोसेमंद भी नहीं था। उन्होंने दावा किया कि काम से हटाए जाने के बाद उसने खुद को पीड़ित बताने की कोशिश की है।

शैलेश सिंह मध्यप्रदेश पुलिस में विशेष पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया कि शिकायतकर्ता तोमर ने पुलिस को बताया है कि वह शशांक सिंह और उनके पिता के घर पर घरेलू सहायक के रूप में काम करने आया था, जहां उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया, मारपीट की गई और उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया।

चौहान ने कहा, ‘‘शिकायतकर्ता के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने के बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। उसकी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जैसे-जैसे साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’

उधर, शशांक सिंह ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा, ‘‘ऐसा कुछ नहीं हुआ।’’

शशांक ने कहा कि तोमर 25 जून की शाम उनके घर आया था और 28 जून की सुबह चला गया था। ऐसे में यह कहना कि उसे बंधक बनाकर रखा गया था, तथ्यात्मक रूप से गलत है।

शशांक ने बताया कि तोमर उनके पिता के एक मित्र के माध्यम से रसोइये के रूप में काम करने आया था। उसने दावा किया था कि उसे सभी प्रकार के व्यंजन बनाने आते हैं, लेकिन बाद में उसने स्वयं स्वीकार किया कि उसे ठीक से खाना बनाना नहीं आता।

उन्होंने आरोप लगाया कि तोमर उनके घर और यहां तक कि शयनकक्ष के भी वीडियो बनाने लगा था।

शशांक ने कहा कि तोमर उनके शयनकक्ष में भी चला गया और वहां रखी महंगी एवं अन्य कीमती वस्तुओं के वीडियो बनाकर अन्य लोगों को भेज दिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि तोमर ने घर पहुंचते ही 20,000 रुपये का अग्रिम भुगतान करने की मांग कि जबकि उनकी मां ने उससे कहा था कि पहले दो-तीन दिन काम करके दिखाए, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।

शशांक ने कहा, ‘‘वह शुरू से ही 20,000 रुपये की मांग कर रहा था। इससे हमें संदेह हुआ। कोई व्यक्ति काम शुरू करते ही इतनी बड़ी राशि क्यों मांगेगा? वह ठीक से खाना भी नहीं बना पा रहा था। इसलिए मेरी मां ने उसे काम छोड़कर जाने के लिए कह दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उस पर संदेह था। कोई व्यक्ति मेरे घर आकर वीडियो बनाए तथा फोटो निकाले और फिर बाहर जाकर खुद को पीड़ित बताए, तो यह संदेह पैदा करता है कि मामला कुछ और है।’’

भाषा

ब्रजेन्द्र रवि कांत