त्विषा मामले में आरोपी गिरिबाला ने जेल में सुरक्षित जगह और ‘मीडिया ट्रायल’ से राहत मांगी

त्विषा मामले में आरोपी गिरिबाला ने जेल में सुरक्षित जगह और ‘मीडिया ट्रायल’ से राहत मांगी

त्विषा मामले में आरोपी गिरिबाला ने जेल में सुरक्षित जगह और ‘मीडिया ट्रायल’ से राहत मांगी
Modified Date: June 2, 2026 / 11:14 pm IST
Published Date: June 2, 2026 11:14 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

भोपाल, दो जून (भाषा) त्विषा शर्मा दहेज हत्या मामले में आरोपी पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने अपने पद पर रहते हुए कुछ मामलों में दोषी ठहराए गए कैदियों से अपनी जान को खतरा बताते हुए मंगलवार को यहां की अदालत से भोपाल केंद्रीय कारागार में स्वयं और अपने बेटे के लिए सुरक्षित स्थान मुहैया कराने का अनुरोध किया।

अदालत ने पूर्व मॉडल त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को दहेज उत्पीड़न के आरोप में सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) की हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद मंगलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

इस मामले में सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने उपरोक्त मांग रखी जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

इसके बाद दोनों आरोपियों को भोपाल केंद्रीय कारागार ले जाया गया। त्विषा का शव 12 मई को भोपाल स्थित उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला था।

पूर्व न्यायाधीश ने अदालत को बताया कि उनके बेटे के साथ त्विषा शर्मा परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील ने हाथापाई की थी। उन्होंने दावा किया कि मामले की शुरुआत से ही उन्हें और उनके बेटे का लगातार ‘मीडिया ट्रायल’ किया जा रहा है।

अदालत में सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप करते हुए गिरिबाला सिंह ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलवे से उन्हें दलील देने की अनुमति देने का आग्रह किया और कहा कि वह भोपाल जिला और सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुकी हैं।

गिरिबाला सिंह ने कहा कि भोपाल केंद्रीय कारागार में कुछ ऐसे भी कैदी हैं, जिन्हें उन्होंने भोपाल जिला और सत्र न्यायाधीश के रूप में सजा दी है और ऐसे में वह यदि उनके आसपास रहेंगी तो उन्हें और उनके बेटे को जान का खतरा है।

गिरिबाला सिंह ने बाद में आरोप लगाया कि एक वकील (अनुराग श्रीवास्तव) ने जबलपुर जिला अदालत में उनके बेटे पर हमला किया।

श्रीवास्तव ने अदालती कार्यवाही के बारे में संवाददाताओं से कहा कि गिरिबाला सिंह ने अपनी जान को खतरे की आशंका जताई और जेल में पर्याप्त सुरक्षा की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘पूर्व न्यायाधीश ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें और समर्थ को जेल में सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली है और हमें इसपर कोई आपत्ति नहीं है।’

उन्होंने बताया कि अदालत में सुनवाई के दौरान गिरिबाला ने यह भी मांग की कि सीबीआई द्वारा की जा रही जांच को ‘मीडिया ट्रायल’ से दूर रखा जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘अदालत ने इस संबंध में सीबीआई को कुछ निर्देश दिए हैं। जब उन्हें (मां-बेटे की जोड़ी) जेल ले जाया जाता है, तो उन्हें मीडिया से सुरक्षा दी जानी चाहिए।’’

गिरिबाला सिंह ने कहा कि मीडिया उनके बेटे समर्थ के पीछे पड़ी है। उन्होंने कहा कि समर्थ जब आत्मसमर्पण करने के लिए जबलपुर जिले में अदालत कक्ष के अंदर था तब उसके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया गया।

हालांकि, श्रीवास्तव ने दावा किया कि जबलपुर में कुछ वकीलों ने उनके और मीडियाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया।

उन्होंने कहा, ‘मुझे और मीडिया को धमकाया गया, गाली दी गई और बाहर निकाल दिया गया। अदालत कक्ष का दरवाजा बंद कर दिया गया था और मीडिया ने इसे लाइव दिखाया।’

उन्होंने कहा, ‘मैंने आज फिर से अदालत को सब कुछ बता दिया। जिला सत्र न्यायालय, जबलपुर में लगाए गए सीसीटीवी की जांच की जानी चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि अंदर क्या हुआ था।’

उन्होंने दावा किया कि पहले दिन से ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि त्विषा के परिवार को वकीलों का समर्थन न मिले।

उन्होंने कहा, ‘मैं आपके (मीडिया) माध्यम से पूरे देश को स्पष्ट करना चाहता हूं कि न तो अंकुर पांडे (पीड़ित परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाले एक अन्य वकील) और न ही मैं मामले से हटने जा रहे हैं। हम अपनी रक्षा करने में सक्षम हैं।’

इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए गिरिबाला और समर्थ सिंह के वकील से संपर्क करने की कोशिश गई, लेकिन बात नहीं हो पाई।

भाषा ब्रजेन्द्र धीरज

धीरज


लेखक के बारे में