मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अशोकनगर के भाजपा विधायक जज्जी के जाति प्रमाणपत्र को निरस्त किया

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अशोकनगर के भाजपा विधायक जज्जी के जाति प्रमाणपत्र को निरस्त किया

Modified Date: December 12, 2022 / 11:21 pm IST
Published Date: December 12, 2022 11:21 pm IST

ग्वालियर (मप्र), 12 दिसंबर (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने सोमवार को प्रदेश के अशोकनगर से भाजपा विधायक जजपाल सिंह जज्जी का जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है और अशोकनगर के पुलिस अधीक्षक को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकल पीठ ने जज्जी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और अदालत की रजिस्ट्री को आवश्यक कार्रवाई के लिए फैसले की एक प्रति मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को भेजने का भी निर्देश दिया।

इस मामले की सुनवाई नौ दिसंबर को हुई थी और सोमवार को फैसला सुनाया गया।

अशोकनगर (अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) सीट से 2018 के विधानसभा चुनाव में जज्जी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले भाजपा कार्यकर्ता लड्डूराम कोरी द्वारा दायर याचिका पर यह फैसला सुनाया गया।

गौरतलब है कि 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान जज्जी कांग्रेस में थे और पार्टी की टिकट पर उन्होंने इस सीट से जीत हासिल की थी, जबकि कोरी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

जज्जी बाद में कांग्रेस छोड़ सत्तारूढ़ भाजपा में चले गए, जिससे उनके त्यागपत्र के कारण यह सीट खाली हो गई थी और 2020 में इस सीट से जज्जी ने भाजपा की टिकट पर उपचुनाव जीता।

कोरी के वकील संगम जैन ने बताया कि जज्जी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले लड्डूराम कोरी ने यह याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि जजपाल सिंह का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र फर्जी है। इसके बाद न्यायमूर्ति अहलूवालिया ने निर्णय दिया है कि जज्जी का प्रमाणपत्र गलत है।

भाषा सं रावत अर्पणा

अर्पणा


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