Medical Officer Recruitment: अब इन अभ्यर्थियों को मिलेगी तत्काल नियुक्ति! हाई कोर्ट ने दिया राज्य सरकार को आदेश, 5 लाख रुपए का हर्जाना भी देना होगा

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Medical Officer Recruitment: अब इन अभ्यर्थियों को मिलेगी तत्काल नियुक्ति! हाई कोर्ट ने दिया राज्य सरकार को आदेश, 5 लाख रुपए का हर्जाना भी देना होगा

  • Reported By: Nasir Gouri

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 11:30 AM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 12:28 PM IST

Medical Officer Recruitment/image Source: symbolic

HIGHLIGHTS
  • तत्काल नियुक्ति और 5 लाख हर्जाना
  • हाई कोर्ट का जोरदार फरमान
  • 13 साल का इंतजार खत्म

ग्वालियर: Medical Officer Recruitment:  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, ग्वालियर खंडपीठ ने मेडिकल ऑफिसर भर्ती मामले में राज्य शासन की लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाते हुए एक चयनित अभ्यर्थी को तत्काल नियुक्ति देने और 5 लाख रुपए हर्जाना अदा करने का निर्देश दिया है।

मेडिकल ऑफिसर भर्ती मामले परहाई कोर्ट का फैसला (Gwalior High Court Orders)

Medical Officer Recruitment:  न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहारावत की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि विभागीय लापरवाही और अनावश्यक देरी का खामियाजा किसी भी अभ्यर्थी को नहीं भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मेडिकल ऑफिसर पद पर नियुक्ति देने के साथ ही उन्हें वरिष्ठता, वेतनवृद्धि और अन्य सभी परिणामी लाभ देने का आदेश दिया है। हालांकि, ‘नो वर्क, नो पे’ सिद्धांत के तहत पिछला वेतन देय नहीं होगा। कोर्ट ने राज्य शासन को 5 लाख रुपए की लागत राशि अदा करने का भी निर्देश दिया और कहा कि यह राशि जिम्मेदार अधिकारियों से वसूली जाए, इसके लिए जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए तीन माह की समयसीमा तय की गई है।

चयनित अभ्यर्थी को तुरंत नियुक्ति देने का आदेश (Government Medical Jobs)

Medical Officer Recruitment:  याचिकाकर्ता सार्थक जुगलान ने साल 2013 में जारी विज्ञापन के तहत मेडिकल ऑफिसर पद के लिए आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया में वे मेरिट सूची में तीसरे स्थान पर थे। मेडिकल परीक्षण और पुलिस सत्यापन पूरी होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया, जबकि मेरिट सूची में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और याचिकाकर्ता सभी मानदंडों पर खरा उतरा था, तब नियुक्ति न देना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। ऐसे मामलों में न्यायालय हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटेगा।

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ग्वालियर हाई कोर्ट ने "मेडिकल ऑफिसर भर्ती" मामले में किसको नियुक्ति देने का आदेश दिया?

A1: कोर्ट ने सार्थक जुगलान को मेडिकल ऑफिसर पद पर तत्काल नियुक्ति देने का आदेश दिया है।

ग्वालियर हाई कोर्ट ने राज्य शासन को "हर्जाना" कितनी राशि अदा करने का निर्देश दिया?

A2: कोर्ट ने राज्य शासन को 5 लाख रुपए की लागत राशि अदा करने का निर्देश दिया है।

"नो वर्क, नो पे" सिद्धांत के तहत पिछला वेतन मिलेगा या नहीं?

A3: नहीं, कोर्ट के अनुसार पिछला वेतन देय नहीं होगा, केवल वरिष्ठता और अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे।