Twisha Sharma Case Giribala Singh Arrest: सात घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार हुई गिरिबाला सिंह, त्विषा शर्मा केस में CBI का बड़ा एक्शन

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Twisha Sharma Case Giribala Singh Arrest: ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में मृतका की सास गिरीबाला सिंह आखिरकार गिरफ्तार हो गई है।

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 05:37 PM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 06:03 PM IST

Twisha Sharma Death Case Giribala Singh Arrest/Image Credit: IBC24 File

Twisha Sharma Case Giribala Singh Arrest: बहुचर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में मृतका की सास की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सात घंटे लगातार पूछताछ के बाद आखिरकार गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी हो गई है। CBI ने उन्हें गिरफ्तार किया है। इससे पहले जबलपुर हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को ट्रायल अदालत से मिली अग्रिम जमानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया था। कोर्ट के इस कड़े फैसले के बाद सीबीआई (CBI) की टीम गिरिबाला को गिरफ्तार करने घर पहुंची थी। सीबीआई उन्हें हिरासत में लेकर कड़ाई से सात घंटे पूछताछ के बाद गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

 

देर आया जमानत रद्द करने का फैसला

आपको बता दें की जबलपुर हाई कोर्ट में कल त्विषा शर्मा डेथ केस (Twisha Sharma Case Giribala Singh Arrest) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। CBI Team At Giribala House हाई कोर्ट कल दोपहर 2:30 बजे आरोपी सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई । सुनवाई में हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को ट्रायल अदालत से मिली अग्रिम जमानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया है।

Giribala Singh Jail जाँच से बचाने की कर रही थी कोशिश

सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने दलील दी कि जिला अदालत ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए जल्दबाजी में गिरिबाला सिंह को जमानत दे दी। उन्होंने अदालत को बताया कि अग्रिम जमानत मिलने से पहले और बाद में भी गिरिबाला सिंह ने जांच एजेंसी के नोटिसों का जवाब नहीं दिया और लगातार जांच से बचने की कोशिश करती रहीं।

मृतिका की छवि ख़राब करने की कोशिश

महाधिवक्ता ने यह भी कहा कि गिरिबाला सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मृतिका त्विषा शर्मा (Twisha Sharma Case Giribala Singh Arrest) की छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया। यह जमानत की शर्तों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह प्रॉसिक्यूशन के साथ “लुका-छिपी का खेल” खेल रही हैं और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही हैं। अदालत में यह भी बताया गया कि जांच एजेंसी द्वारा गिरिबाला सिंह को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने नोटिस तक तामील नहीं होने दिए। महाधिवक्ता ने कहा कि आरोपी का रवैया जांच में सहयोग करने वाला नहीं रहा और लगातार जांच प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की गई।

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