Pritam Lodhi Son Dinesh Lodhi Surrender: भगोड़ा घोषित BJP विधायक के बेटे ने किया सरेंडर, कोर्ट पहुंचकर किया बड़ा खुलासा, कोर्ट ने जारी किया स्थायी गिरफ्तारी वारंट

Pritam Lodhi Son Dinesh Lodhi Surrender: भगोड़ा घोषित BJP विधायक के बेटे ने किया सरेंडर, कोर्ट पहुंचकर किया बड़ा खुलासा

Pritam Lodhi Son Dinesh Lodhi Surrender: भगोड़ा घोषित BJP विधायक के बेटे ने किया सरेंडर, कोर्ट पहुंचकर किया बड़ा खुलासा, कोर्ट ने जारी किया स्थायी गिरफ्तारी वारंट

Pritam Lodhi Son Dinesh Lodhi Surrender: भगोड़ा घोषित BJP विधायक के बेटे ने किया सरेंडर, कोर्ट पहुंचकर किया बड़ा खुलासा, कोर्ट ने जारी किया स्थायी गिरफ्तारी वारंट /Photo Creadit: IBC24 File

Modified Date: July 14, 2026 / 12:48 pm IST
Published Date: July 14, 2026 12:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • विशेष अदालत द्वारा फरार घोषित किए गए दिनेश लोधी ने ग्वालियर कोर्ट में सरेंडर कर दिया
  • सरेंडर के बाद दिनेश लोधी ने कहा कि वे अदालत का सम्मान करते हैं और उनके बारे में फैलाई जा रही अफवाहें गलत हैं
  • एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में अब आगे की कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है

ग्वालियर। Pritam Lodhi Son Dinesh Lodhi Surrender: मध्यप्रदेश के ग्वालियर से इस वक्त की बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने सरेंडर कर दिया है। इस दौरान दिनेश लोधी ने कहा कि मैं कोर्ट में पेश हो गया हूं, उन्होंने कहा कि मेरे बारे में जो अफवाह उड़ाई जा रही है, वो गलत है, मैं कोर्ट का सम्मान करता हूं।

जानें पूरा मामला

ग्वालियर की विशेष अदालत ने एससी-एसटी एक्ट से जुड़े एक मामले में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी को फरार घोषित किया था। अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 299 के तहत आरोपी को फरार घोषित करते हुए उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। दिनेश लोधी के खिलाफ 28 दिसंबर 2023 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस द्वारा प्रस्तुत फरारी रिपोर्ट और पंचनामे का परीक्षण करने के बाद अदालत ने उसे संतोषजनक माना और आरोपी को विधिवत फरार घोषित कर दिया था।

Pritam Lodhi Son Dinesh Lodhi Surrender विशेष अदालत ने आदेश देते हुए कहा था कि न्यायालय के रिकॉर्ड में आरोपी के नाम के सामने लाल स्याही से ‘फरार’ अंकित किया जाए। साथ ही मामले के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और नियमानुसार अभिलेखागार में जमा करने के निर्देश भी दिए थे। वहीं अब दिनेश लोधी के सरेंडर करने के बाद मामले में करवाई तेज होने की संभावना है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.