Rewa Bal Sudhar Grah Suicide: बाल सुधार गृह में किशोर ने उठाया खौफनाक कदम, नजारा देख फटी रह गई सबकी आंखें, सुरक्षा पर उठे सवाल
Rewa Bal Sudhar Grah Suicide News: बाल सुधार गृह में किशोर ने उठाया खौफनाक कदम, नजारा देख फटी रह गई सबकी आंखें, सुरक्षा पर उठे सवाल
Rewa Bal Sudhar Grah Suicide: बाल सुधार गृह में किशोर ने उठाया खौफनाक कदम, नजारा देख फटी रह गई सबकी आंखें, सुरक्षा पर उठे सवाल /image: AI Generated
- रीवा के बाल संप्रेषण गृह में एक किशोर ने कथित तौर पर गमछे के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी
- घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और किशोर न्यायिक मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे
- मामले की जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है
रीवा। Rewa Bal Sudhar Grah Suicide News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र स्थित बाल सुधार गृह में एक किशोर द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने से हड़कंप मच गया है। इस घटना ने बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर किशोरों की सुरक्षा और सुधार की जिम्मेदारी होती है, वहीं इस तरह की घटना कैसे हो गई?
गमछे के सहारे लगा ली फांसी
Rewa Bal Sudhar Grah Suicide जानकारी के अनुसार, मृतक किशोर को बीते सप्ताह सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र से पॉक्सो एक्ट के मामले में बाल संप्रेषण गृह लाया गया था। शाम करीब 7 बजे जब सभी बाल अपचारी भोजन करने गए, तब किशोर ने पेट दर्द का बहाना बनाकर खाना खाने जाने से मना कर दिया। इसी दौरान उसने गमछे के सहारे फांसी लगा ली। खाना खाने के बाद जब सब अंदर गए जैसे ही नजर उस पर पड़ी तो अफरा-तफरी मच गई। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
आत्महत्या के कारणों की जांच जारी
Rewa Bal Sudhar Grah Suicide News सूचना मिलते ही समान थाना पुलिस, एफएसएल टीम और किशोर न्यायिक मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय संजय गांधी अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है और पूरे मामले की जांच जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल
Rewa Bal Sudhar Grah Suicide घटना ने बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किशोर के पास ऐसा सामान कैसे पहुंचा जिससे उसने आत्मघाती कदम उठा लिया? क्या ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की निगरानी में लापरवाही हुई? क्या नियमित मॉनिटरिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था? इन सभी बिंदुओं की न्यायिक जांच की जा रही है। बाल संप्रेषण गृह का उद्देश्य कानून से संघर्षरत किशोरों को सुरक्षित वातावरण और सुधार का अवसर देना होता है, लेकिन इस घटना ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह सिर्फ आत्महत्या का मामला है या फिर सुरक्षा में गंभीर चूक भी इसकी वजह बनी। फिलहाल पुलिस और संबंधित अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
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