High Court on Bulldozer Action. Image Source- IBC24
जबलपुर। High Court on Bulldozer Action मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना उसका मकान नहीं तोड़ा जा सकता। अदालत ने सागर निवासी महेंद्र कुमार को राहत देते हुए उनके मकान को गिराने की प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता महेंद्र कुमार ने अदालत को बताया कि जिस भूमि पर उनका मकान बना है, वह उन्हें पट्टे पर प्राप्त हुई थी। इसके बावजूद पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा उक्त मकान को अतिक्रमण बताकर ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही थी।
High Court on Bulldozer Action याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पश्चिम मध्य रेलवे को निर्देश दिया कि मामले का अंतिम निर्णय होने तक मकान गिराने की कोई कार्रवाई न की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की बुलडोजर कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को पर्याप्त अवसर और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के मामलों में Supreme Court of India द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। अदालत ने माना कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत किसी भी व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना कठोर कार्रवाई नहीं की जा सकती।
इस आदेश को बुलडोजर कार्रवाई से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने का संदेश देता है कि किसी भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया और नागरिकों के अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाए।