25 साल पुराने मंदिर की बाउंड्रीवॉल तोड़ने पर मचा बवाल, हिंदू संगठनों ने जमकर किया हंगामा, जताई नाराजगी

Ads

Uproar over breaking of boundary wall of 25-year-old temple, Hindu organizations created ruckus, expressed displeasure

  •  
  • Publish Date - November 25, 2022 / 09:14 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:11 PM IST

boundary wall of 25-year-old temple break :भोपाल ; मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के स्मार्ट सिटी एरिया स्थित एक मंदिर का पक्का हिस्सा तोड़े जाने पर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। हिंदू संगठनों समेत अन्य सामाजिक संगठनों ने स्मार्ट सिटी के अफसरों की इस कार्रवाई का विरोध जताया। जिसके बाद सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने हिस्सा तोड़े जाने की वजह पूछी तो अफसर जवाब नहीं दे सके… लिहाजा जमकर अधिकारियों की मौके पर फटकार भी लगाई। स्थानीय लोगों के साथ भी अधिकारियों की जमकर बहस भी हुई…वार्ड पार्षद ने कार्रवाई किए जाने की सूचना न देने पर नाराजगी जताई।

यह भी पढ़े:मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की हत्या करने की चल रही बड़ी साजिश.. उप मुख्यमंत्री के इस बयान ने मचाई खलबली

बाउंड्रीवॉल और पक्का हिस्सा स्मार्ट सिटी के अफसरों ने तोड़ दी

boundary wall of 25-year-old temple break ; बता दें कि ये पूरा मामला टीटी नगर स्थित स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए अटल पथ के पास पाल समाज का मंदिर है। इसकी बाउंड्रीवॉल और पक्का हिस्सा स्मार्ट सिटी के अफसरों ने तोड़ दी। इसके पास में शेड भी था…जिसे भी तोड़ दिया गया.. इस शेड में करीब 50 साल से नवरात्रि में मां दुर्गा की प्रतिमा विराजित की जाती है। बिना किसी नोटिस के निर्माण स्थल तोड़ने पर नाराजगी जताई…प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई करने के बाद काफी देर तक हंगामा चलता रहा। जिसके बाद जमकर हुए हंगामे के बाद अफसरों को अपनी टीम समेत लौटा पड़ा।

यह भी पढ़े; ‘Squid Game’ के अभिनेता पर लगा यौन उत्पीड़न का आरोप, बिना किसी हिरासत के किया गया रिहा

भगवान के मंदिर के हिस्सों को तोड़ा बेहद आपत्ति जनक

boundary wall of 25-year-old temple break ;क्षेत्रीय और वार्ड क्रमांक 31 पार्षद बृजला सचान ने बताया कि स्मार्ट सिटी तानाशाही रवैया अपना रहा है…जो नियम है उन्हें ताक पर रख अधिकारी अपनी मर्जी के मालिक हो चुके हैं…नियमों के मुताबिक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में तमाम मंदिरों को अलग रखा गया है। तो वही पाल समाज के गोवर्धन भगवान के मंदिर के हिस्सों को तोड़ा बेहद आपत्ति जनक है..पाल समाज मंदिर के पदाधिकारियों ने बताया कि मंदिर का निर्माण 25 साल पहले हुआ था। बिना नोटिस के गतल तरीके से कार्रवाई की गई। मंदिर संपत्ति का टेक्स भी भरा जाता है…उन्होंने सरकार से कार्रवाई में हुए नुकसान के भरपाई की मांग भी की।