Champat Rai Resignation News Denied : क्या चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नहीं दिया इस्तीफा? महंत दिनेंद्र दास के इस बड़े बयान से राम मंदिर चंदा विवाद में आया नया मोड़

Ads

राम मंदिर ट्रस्ट में वरिष्ठ पदाधिकारियों के कथित इस्तीफों की खबरों के बीच महंत दिनेंद्र दास ने पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी इस्तीफे की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है और बिना पुष्टि के खबरें चलाना उचित नहीं है।

  •  
  • Publish Date - June 27, 2026 / 05:57 PM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 05:57 PM IST

Champat Rai Resignation News Denied / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • महंत दिनेंद्र दास ने इस्तीफों की खबरों को भ्रामक बताया।
  • कहा- किसी भी इस्तीफे की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली।
  • चंपत राय के कार्यकाल और विकास कार्यों का किया बचाव।

अयोध्या: Champat Rai Resignation News Denied :  अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर पिछले कुछ समय से मीडिया और सोशल मीडिया पर वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरें लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं। इस बीच, राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास ने इन तमाम दावों और कयासों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए इन्हें पूरी तरह भ्रामक करार दिया है।

आधिकारिक सूचना मिलने से किया इनकार

महंत दिनेंद्र दास ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें ट्रस्ट के किसी भी वरिष्ठ सदस्य या पदाधिकारी के इस्तीफे के संबंध में अब तक कोई भी आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही खबरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी ठोस तथ्य और पुष्टि के ऐसी बातें प्रसारित करना कतई उचित नहीं है।

चंपत राय के कामकाज का किया पुरजोर बचाव

महंत दिनेंद्र दास ने कथित दबाव में इस्तीफे की खबरों को खारिज करते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा, “चंपत राय के कार्यकाल में मंदिर परिसर के भीतर बड़े स्तर पर विकास कार्य हुए हैं। जहां तक वित्तीय लेन-देन या गड़बड़ी के आरोपों का सवाल है, मुझे ऐसे किसी भी मामले की जानकारी नहीं है जिससे उनके काम में कोई कमी साबित होती हो।” उन्होंने आगे जोड़ा कि किसी के दबाव में आकर पद छोड़ना सही नहीं है।

चर्चा के बाद ही सामने आएगा कोई भी फैसला

महंत दिनेंद्र दास ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट एक जिम्मेदार संस्था है और यदि भविष्य में ऐसा कोई बड़ा निर्णय लिया भी जाता है, तो वह ट्रस्ट के सभी सदस्यों के बीच आपसी बैठक और विस्तृत चर्चा के बाद ही आधिकारिक रूप से सामने आएगा। उन्होंने विपक्ष और आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन बिना किसी पुख्ता सबूत के गंभीर आरोप लगाना पूरी तरह गलत है।

ये भी पढ़ें