Reported By: Abhishek Singh sengar
,Chhatarpur Child Death News/Image Credit: IBC24.in
Chhatarpur Child Death News: छतरपुर: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के ईशानगर क्षेत्र के ग्राम गोर, पंचायत बिहटा निवासी कल्याण सिंह के परिवार में एक सप्ताह पहले खुशियों का माहौल था। परिवार में लगातार पांच बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ था। बेटे के जन्म की खुशी में परिजनों ने डीजे-बैंड बाजे के साथ जश्न मनाते हुए नवजात शिशु और उसकी मां को घर लाया था। पूरे गांव में खुशी का माहौल था और परिवार इसे ईश्वर का आशीर्वाद मान रहा था।
लेकिन यह खुशी महज सात दिन ही टिक सकी। शनिवार को नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर ले जाया गया। (Chhatarpur Child Death News) इसके बाद इलाज में कथित लापरवाही के आरोपों के बीच नवजात शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद वही घर, जहां कुछ दिन पहले जश्न का माहौल था, अब मातम में डूब गया है।
बच्चे के पिता कल्याण सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि शनिवार सुबह नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर लाया गया, लेकिन उस समय अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। कुछ देर बाद स्टाफ पहुंचा और बाद में नवजात शिशु को रेफर किया गया।
Chhatarpur Child Death News: परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के नाम पर 600 रुपए की मांग की गई।पैसे नहीं होने पर वे बाइक से जिला अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही नवजात शिशु की मौत हो गई।
नवजात शिशु की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि हंगामे के दौरान भी बीएमओ और जिम्मेदार स्टाफ अस्पताल में मौजूद नहीं था। सूचना मिलने पर ईशानगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
परिवार में लगातार पांच बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ था। एक सप्ताह पहले डीजे-बैंड बाजे के साथ नवजात शिशु और उसकी मां का स्वागत किया गया था। (Chhatarpur Child Death News) सात दिन बाद उसी मासूम शिशु की मौत से पूरे परिवार में मातम छा गया।
Chhatarpur Child Death News: परिजनों ने कलेक्टर और सीएमएचओ को शिकायत पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की है। वही संबंध में बीएमओ डॉ गिरीश साहू का कहना है कि बच्चों में खून की कमी थी बच्चा पीला पड़ चुका था जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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