indore water contamination news | Photo Credit: IBC24 Customize
भोपाल: Indore Contaminated Water ये हंगामे, नारेबाजी और पुलिस प्रशासन की घेराबंदी की तस्वीरें इंदौर की हैं। जहां भागीरथपुरा में दूषित पानी के चलते हुई 15 मौतों के बाद कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जांच के लिए पहुंचा। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार और विधायक प्रताप ग्रेवाल के साथ कांग्रेस के नेता मौके पर पहुंचे। इस दौरान उनके विरोध में बीजेपी के कार्यकर्ता भी एक हो गए। कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं की ओर चूड़ियां फेंकी और काले झंडे दिखाए गए। कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच जूते-चप्पल भी चले, जिसके चलते पूरा माहौल हंगामाई हो गया। विरोध प्रदर्शन के बीच पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी पहुंचे, लेकिन मीडिया का जवाब दिए बिना ही चलते बने। बढ़ते विरोध और हंगामे के बीच पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार को गिरफ्तार कर लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने भागीरथपुरा में हुई मौतों को लेकर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव का इस्तीफा भी मांगा।
Indore Contaminated Water तो विपक्ष के आरोपों का पलटवार करते हुए बीजेपी ने कहा कि- कांग्रेस केवल राजनीतिक स्टंट कर रही है। सरकार ने घटना के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की है। जनहित हमारी प्राथमिकता है।
कुलमिलाकर इंदौर के भागीरथपुरा मामले में सीएम मोहन ने सख्ती दिखाई। निगम कमिश्नर दिलीप यादव, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को हटा दिया गया। वहीं प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव समेत दो अधिकारियों का निलंबन और एक की सेवा समाप्त कर दी गई। ऐसे में सवाल ये है कि घटना के जिम्मेदार अधिकारियों के सस्पेंसन और स्थानांतरण तो हो गए, लेकिन कठोर एक्शन क्यों नहीं हुआ? और सवाल ये भी कि- क्या अधिकारियोें की तर्ज पर जनप्रतिनिधियों पर भी कोई कार्रवाई होगी?जिम्मेदारी तय होगा?