इंदौर पेयजल त्रासदी : डायरिया के पांच नये मरीज मिले, ‘डेथ ऑडिट’ के खुलासे से बच रहा प्रशासन

इंदौर पेयजल त्रासदी : डायरिया के पांच नये मरीज मिले, ‘डेथ ऑडिट’ के खुलासे से बच रहा प्रशासन

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 09:29 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 09:29 PM IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 13 जनवरी (भाषा) देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल के कारण फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से निपटने में जुटे स्वास्थ्य विभाग को मंगलवार को डायरिया के पांच नये मरीज मिले। विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि भागीरथपुरा में डायरिया के पांच नये मरीज स्वास्थ्य केंद्रों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में पहुंचे जिनका वहीं उपचार किया गया।

उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में 29 दिसंबर से उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद अब तक अस्पतालों में कुल 436 मरीजों को भर्ती किया गया जिनमें से 403 लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है।

सीएमएचओ के मुताबिक फिलहाल 33 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से आठ लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं।

प्रशासन ने भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 23 मरीजों के दम तोड़ने का दावा किया है।

इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति ने भागीरथपुरा के 21 लोगों की मौत के ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है।

रिपोर्ट के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इनमें से 15 लोगों की मौत उल्टी-दस्त के प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।

हालांकि, प्रशासन इस रिपोर्ट के परिणामों के विशिष्ट खुलासे से बच रहा है।

जिलाधिकारी शिवम वर्मा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘भागीरथपुरा में हुई मौतों के कारणों के विश्लेषण के लिए महाविद्यालय के वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति बनाई गई थी। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।’’

वर्मा ने हालांकि इस रिपोर्ट के बारे में विशिष्ट जानकारी नहीं दी।

उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा के कुछ लोगों की मृत्यु संभवत: उल्टी-दस्त के प्रकोप से हुई है और कुछ मरीजों की मौत इस प्रकोप से संबंधित नहीं थी, जबकि कुछ लोगों की मौत के वास्तविक कारण को लेकर समिति किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।

वर्मा ने बताया कि प्रशासन ने अब तक भागीरथपुरा के 18 पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है, जबकि तीन अन्य परिवारों को यह मदद मुहैया कराई जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘भागीरथपुरा में हुईं सभी मौतें बहुत दु:खद हैं, चाहे वे किसी भी कारण से हुई हों। हम पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए उन्हें सहायता राशि प्रदान कर रहे हैं।’’

भाषा हर्ष खारी

खारी