Indore Lokayukta Raid: SE शिवराम सेमिल के ठिकानों पर लोकायुक्त की दबिश, छापेमारी में 17 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा, जानिए क्या-क्या मिला

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Indore Lokayukta Raid: SE शिवराम सेमिल के ठिकानों पर लोकायुक्त की दबिश, छापेमारी में 17 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा, जानिए क्या-क्या मिला

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  • Publish Date - July 22, 2026 / 08:53 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 08:32 AM IST

Indore Lokayukta Raid: SE शिवराम सेमिल के ठिकानों पर लोकायुक्त की दबिश, छापेमारी में 17 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा, जानिए क्या-क्या मिला /image: IBC24

HIGHLIGHTS
  • लोकायुक्त जांच में अधिकारी और उनके परिजनों से जुड़ी ₹17.12 करोड़ से अधिक की संपत्तियों और निवेश का पता चला
  • बैंक खातों, आयकर रिटर्न, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेश की भी विस्तृत जांच जारी है
  • मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी

इंदौर Indore Lokayukta Raid: लोकायुक्त पुलिस ने सरकारी क्षेत्र की एक बिजली वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल (Shivram Semil) के ठिकानों पर छापे मारने के अगले दिन बुधवार को कहा कि उसने अधिकारी और उसके करीबी परिजन से जुड़ी 17 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों और निवेश का पता लगाया है। लोकायुक्त ने खुलासा करते हुए बताया कि शिवराम की 33 साल की नौकरी के दौरान वैध आय करीब 2 करोड़ रुपये रही, जबकि अब तक करीब 17 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। यह उनकी वैध आय से लगभग 627 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।

17 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जांच के घेरे में

अधीक्षण यंत्री के ट्रांसफॉर्मर और केबल फैक्ट्रियों का बड़ा नेटवर्क जांच के दायरे में है। पीथमपुर, धार और इंदौर में करोड़ों की औद्योगिक संपत्तियां मिलीं। सिलिकॉन सिटी में आलीशान मकान और निर्माणाधीन भवन भी जांच में शामिल है। साथ ही 31.50 लाख की कार, मुरैना में मकान और कई प्लॉट का खुलासा हुआ है। फैक्ट्री, मशीनरी, शेड और निवेश मिलाकर करोड़ों की संपत्ति सामने आई है। छापेमारी में बिजली कंपनी के अधिकारी और परिजन की 17 करोड़ रुपये की संपत्तियों का पता चला है।

अलग-अलग जगह 9 ठिकानों पर लोकायुक्त की दबिश

Indore Lokayukta Raid पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने पर मंगलवार को मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के इंदौर स्थित मुख्यालय में पदस्थ अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ राज्य में अलग-अलग जगह 9 ठिकानों पर छापे मारे गए थे। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और वित्तीय जानकारी के आधार पर पता चला कि सेमिल और उनके परिजन ने लगभग 17.12 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अर्जित की।

बैंक खाते भी जांच के दायरे में

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सेमिल, उनके परिजनों और उनसे जुड़ी व्यावसायिक इकाइयों के बैंक खातों में कुल 62.89 लाख रुपये जमा होने के बारे में भी पता चला और संबंधित बैंकों को इन खातों से लेन-देन पर रोक लगाने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि मुरैना में छापेमारी के दौरान सेमिल के परिवार के करीब 50 लाख रुपये के मकान के बारे में पता चला और इसमें मिले सामान की कीमत 7.51 लाख रुपये आंकी गई है।

Indore Lokayukta Raid सहाय ने बताया कि मुरैना में सेमिल के परिवार द्वारा एक भूखंड और 1.25 बीघा कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी भी मिली है और इन संपत्तियों के दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग से सेमिल और उनके परिजनों के गुजरे सालों में दाखिल आयकर रिटर्न का ब्योरा मांगा गया है। सहाय ने बताया कि इसके साथ ही, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में उनके संभावित निवेश की जानकारी मांगी गई है।

 

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. लोकायुक्त ने किस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है?

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

जांच में कितनी संपत्ति का पता चला है?

लोकायुक्त के अनुसार, अधिकारी और उनके करीबी परिजनों से जुड़ी ₹17.12 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्तियों और निवेश का पता चला है।

क्या बैंक खातों की भी जांच हो रही है?

हां, संबंधित बैंक खातों में जमा राशि की जानकारी जुटाई गई है और खातों से लेन-देन पर रोक लगाने के लिए बैंकों को कहा गया है।

जांच में और किन पहलुओं की पड़ताल की जा रही है?

आयकर रिटर्न, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

क्या मामले में अंतिम निष्कर्ष आ गया है?

नहीं। जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।