Indore Water Tragedy: शहर में अब नलों का पानी हुआ बेकार! चाय तक में लोग बोतलबंद पानी का करने लगे इस्तेमाल, वजह जानकर उड़ जाएंगे होश

Indore Water Tragedy: शहर में अब नलों का पानी हुआ बेकार! चाय तक में लोग बोतलबंद पानी का करने लगे इस्तेमाल, वजह जानकर उड़ जाएंगे होश

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  • Publish Date - January 4, 2026 / 10:53 AM IST,
    Updated On - January 4, 2026 / 11:31 AM IST

Bhagirathpura Water Tragedy/Image Source: symbolic

HIGHLIGHTS
  • दूषित पानी से हड़कंप
  • नलों का पानी अब बेकार
  • बोतलबंद पानी पर निर्भर लोग

इंदौर: Indore Water Tragedy: भागीरथपुरा में दूषित पानी के संकट के बाद अब लोगों का नलों के पानी से भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है। हालात ऐसे हैं कि अब आम नागरिकों के साथ-साथ चाय की दुकानों पर भी बोतलबंद पानी का उपयोग शुरू हो गया है।

नलों का पानी भरोसेमंद नहीं (Indore water contamination)

Indore Water Tragedy:  स्थानीय दुकानदारों के अनुसार पानी की बोतलों की बिक्री में अचानक काफी वृद्धि हुई है। पहले एक दुकान पर रोज़ाना लगभग 2 पेटी पानी की बोतलें बिकती थीं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 8-10 पेटी तक पहुंच गई है। लोग सिर्फ पीने के लिए ही नहीं, बल्कि चाय और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने में भी बोतलबंद पानी का उपयोग कर रहे हैं।

Indore Water Tragedy:  दूषित पानी से बीमारियों और मौतों की खबरों के बाद इलाके में डर का माहौल है। निवासी साफ तौर पर कह रहे हैं कि उन्हें अब सप्लाई किए जा रहे पानी की शुद्धता पर भरोसा नहीं रहा। भागीरथपुरा की चाय की दुकानों पर बोतलबंद पानी का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि जल आपूर्ति प्रणाली पर लोगों का विश्वास डगमगा चुका है। वहीं, लोग प्रशासन से स्थायी और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

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"भागीरथपुरा दूषित पानी संकट" में क्या हुआ?

उत्तर: भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति के कारण लोगों का नलों के पानी से भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है। अब लोग बोतलबंद पानी का उपयोग करने लगे हैं, यहां तक कि चाय की दुकानों पर भी बोतलबंद पानी का उपयोग किया जा रहा है।

"भागीरथपुरा में पानी की बोतल बिक्री" कितनी बढ़ी है?

उत्तर: भागीरथपुरा में पानी की बोतल बिक्री में अचानक वृद्धि देखी गई है। पहले 2 पेटी पानी बिकती थीं, अब यह संख्या 8-10 पेटी तक पहुंच गई है।

"भागीरथपुरा पानी संकट समाधान" के लिए क्या मांग हो रही है?

उत्तर: लोग प्रशासन से स्थायी और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, ताकि दूषित पानी के संकट से राहत मिल सके।