Reported By: Niharika sharma
,Inodre News
इंदौर।Inodre News: इंदौर के ए प्लस नेक ग्रेड देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में व्यवस्थाएं पटरी से उतरती जा रही है। हालत यह है कि डीएवीवी में अंकसूची खत्म हो गई है और रिजल्ट घोषित होने के बावजूद विद्यार्थियों को अभी तक अंकसूचियां नहीं मिली है। करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स को मार्कशीट नहीं मिल पाई है। डीएवीवी में करीब 15 दिन पहले ही मार्कशीट खत्म हो गई है। अब नए टेंडर किए गए हैं और अनुमान है कि स्थिति सामान्य होने में एक महीना लग जाएगा। डीएवीवी में इस समय व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई है। विश्वविद्यालय के सबसे जरूरी दायित्वों में से एक मार्कशीट वितरण कार्य गड़बड़ाया हुआ है क्योंकि विश्वविद्यालय में मार्कशीट खत्म हो गई हैं। ऐसे में बच्चों को माइग्रेशन-ट्रांसक्रिप्ट और डिग्री बनाने का काम प्रभावित हो गया है।
70 हजार अंकसूची कॉलेजों में पहुंचाई
दरअसल, विधानसभा चुनाव के बाद डीएवीवी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बीए, बीकॉम, बीएससी प्रथम व द्वितीय वर्ष और एमए, एम कॉम, एमएससी दूसरे और चौथे सेमेस्टर के रिजल्ट घोषित किए। इसके लिए डीएवीवी ने अपने इमरजेंसी स्टॉक अंकसूची जारी की। डीएवीवी ने सिर्फ स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की करीब 70 हजार अंकसूची कॉलेजों में पहुंचाई। फिलहाल डीएवीवी द्वारा स्थिति से निपटने के लिए ऑनलाइन और कम्प्यूटराज्ड अंकसूची को सत्यापित कर स्टूडेंट्स को दिया जा रहा है।
Inodre News: इसके अलावा जनवरी पहले सप्ताह में डीएवीवी मार्कशीट के लिए टेंडर भी निकाल चुका है। लेकिन एजेंसी तय होने के बाद ही अंकसूची की सप्लाय की जाएगी। इसमें एक महीने से ज्यादा का समय लग सकता है। बता दें कि डीएवीवी द्वारा सालभर में 5 लाख मार्कशीट जारी की जाती है। वर्तमान में स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को कॉलेज बदलने में दिक्कतें आ रही है, क्योंकि मार्कशीट नहीं होने से माइग्रेशन बनाने में दिक्कतें आ रही है। डीएवीवी सत्यापित कंप्यूटराइज्ड मार्कशीट के आधार पर माइग्रेशन बना रहा है।