crude oil/ image source: shutterstock
Russia Oil Sale To India: नई दिल्ली: इजराइल की ओर से खाड़ी देशों पर लगातार हो रहे हमले के बाद दुनिया भर में ईंधन के भारी संकट की संभावना जताई जा रही है। कल भी ईरान की ओर से दुनिया के सबसे पहले रिफाइनरी BAPCO पर हमले हुए थे, जहां से प्रतिदिन 3,80,000-4,00,000 बैरल तेल का प्रसंस्करण होता है। ऐसे में ये माना जा रहा है कि दुनिया भर में आगामी दिनों में पेट्रोल-डीजल के लिए तरसना पड़ सकता है। लेकिन इस बीच अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की अस्थाई छूट दे दी है। लेकिन अमेरिका के इस बयान के बाद भारतीय सियासत में बचाल मचा हुआ है और सवाल उठने लगे हैं कि अमेरिका कौन होता है जो भारत को छूट दे? भारत अपने आप में फैसला लेने में सक्षम है।
अमेरिका ने 30 दिन तक रूस से तेल खरीदने की दी मंजूरी! डोनाल्ड ट्रंप कौन होते हैं भारत को छूट देने वाले?#IndiaRussiaOil | #USIndiaRussia | #TrumpDecision | #OilDeal | India Russia Oil Deal | Donald Trump pic.twitter.com/eHBQsOHxGt
— IBC24 News (@IBC24News) March 6, 2026
US Gives 30-Day Waiver for Russian Oil दरअसल अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि यह निर्णय सोच-समझकर लिया गया है और इसका उद्देश्य केवल पहले से समुद्र में फंसे हुए तेल के लेन-देन को अधिकृत करना है, जिससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा। बेसेंट ने ‘एक्स’ पर कहा कि भारत, अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है, और उम्मीद है कि नई दिल्ली अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह अस्थायी छूट ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को अवरुद्ध करने के प्रयासों से पैदा हुए दबाव को कम करने में मदद करेगी। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन के उच्चतम स्तर पर पहुंचने का भी जिक्र किया और इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे का परिणाम बताया।
President Trump’s energy agenda has resulted in oil and gas production reaching the highest levels ever recorded.
To enable oil to keep flowing into the global market, the Treasury Department is issuing a temporary 30-day waiver to allow Indian refiners to purchase Russian oil.…
— Treasury Secretary Scott Bessent (@SecScottBessent) March 6, 2026
अमेरिका की ओर से जारी इस बयान के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया, पोस्ट में लिखा गया कि, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने की ‘अनुमति’ दी है और इसके लिए 30 दिनों की छूट प्रदान की है। यह आदेश अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक पोस्ट के माध्यम से साझा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सरकार देश को ऐसी स्थिति में ले आई है, जहां अब अमेरिका यह तय कर रहा है कि भारत तेल कहां से खरीदे और कहां से नहीं। यह फैसला न तो प्रधानमंत्री मोदी ले रहे हैं और न ही भारत सरकार। आज देश के नागरिक यह सवाल पूछ रहे हैं कि अमेरिका कौन होता है भारत को ‘इजाजत’ देने वाला कि वह तेल खरीदे या नहीं?हम किसी भी देश के गुलाम नहीं हैं; हम एक संप्रभु और स्वतंत्र देश हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी अमेरिका से यह सवाल नहीं पूछ सकते, क्योंकि वे पूरी तरह समझौता कर चुके हैं और देश को अमेरिकी हितों के हाथों गिरवी रख दिया है। शर्मनाक!
𝐓𝐡𝐞 𝐔𝐧𝐢𝐭𝐞𝐝 𝐒𝐭𝐚𝐭𝐞𝐬 𝐡𝐚𝐬 ‘𝐚𝐥𝐥𝐨𝐰𝐞𝐝’ 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐭𝐨 𝐩𝐮𝐫𝐜𝐡𝐚𝐬𝐞 𝐨𝐢𝐥 𝐟𝐫𝐨𝐦 𝐑𝐮𝐬𝐬𝐢𝐚, 𝐠𝐫𝐚𝐧𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐚 𝟑𝟎-𝐝𝐚𝐲 𝐞𝐱𝐞𝐦𝐩𝐭𝐢𝐨𝐧.
👆This order was shared in a post by the United States Secretary of the Treasury, Scott Bessent.
The… pic.twitter.com/nATd02Q99b
— Congress (@INCIndia) March 6, 2026
नहीं, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स में एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “अमेरिका भारत को वही आर्थिक फायदे नहीं देगा जो उसने चीन को दिए थे। अमेरिका भारत को अपना प्रतिस्पर्धी बनने की अनुमति नहीं देगा। व्यापार समझौता ऐसा होगा जिसमें सबसे पहले अमेरिका के हित रखे जाएंगे।” यह बात अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने भारत की धरती पर कही। समझौता कर चुके प्रधानमंत्री का समर्पण!
“US will not give India the same kind of economic advantages we gave China. US will not allow India to become its competitor, Trade deal will keep America first”
US Dy Secy of State Christopher Landau said this on Indian Soil
Compromised PM’s surrender
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) March 6, 2026
बता दें कि US के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ ने रयसीना डायलॉग 2026 को सबोधित करते हुए कहा है कि “इंडिया को समझना चाहिए कि हम इंडिया के साथ वही गलतियां नहीं करने जा रहे हैं जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थीं। फिर अगली बात जो हमें पता चलेगी, वह यह कि आप हमें कई कमर्शियल चीज़ों में हरा रहे हैं।” हम उस ट्रेड डील को लेकर उत्साहित हैं जो अब लगभग फिनिश लाइन पर है, और मुझे लगता है कि यह लगभग अनलिमिटेड पोटेंशियल को सच में अनलॉक करने का बेस हो सकता है। हम इंडिया और उनके इकोनॉमिक और बिजनेस के अवसर पर फोकस करने को लेकर बहुत उत्साहित हैं।
We live in times where our government gives us Instagram reels on strategic autonomy but the cold hard reality is that it has surrendered India’s interests under the garb of a trade deal where we now need permission to buy Russian oil from America.
Just read the tone and tenor… pic.twitter.com/WIX9PeRjQg— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) March 6, 2026