Russia Oil Sale To India: ‘देश को गिरवी रख दिया है..’, रूस से तेल खरीदने की इजाजत पर मचा बवाल, कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, इस नेत्री ने कही बड़ी बात

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Russia Oil Sale To India: अमेरिका की ओर से जारी इस बयान के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया, पोस्ट में लिखा गया कि, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने की ‘अनुमति’ दी है और इसके लिए 30 दिनों की छूट प्रदान की है।

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  • Publish Date - March 6, 2026 / 01:08 PM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 02:43 PM IST

crude oil/ image source: shutterstock

Russia Oil Sale To India: नई दिल्ली: इजराइल की ओर से खाड़ी देशों पर लगातार हो रहे हमले के बाद दुनिया भर में ईंधन के भारी संकट की संभावना जताई जा रही है। कल भी ईरान की ओर से दुनिया के सबसे पहले रिफाइनरी BAPCO पर हमले हुए थे, जहां से प्रतिदिन 3,80,000-4,00,000 बैरल तेल का प्रसंस्करण होता है। ऐसे में ये माना जा रहा है कि दुनिया भर में आगामी दिनों में पेट्रोल-डीजल के लिए तरसना पड़ सकता है। लेकिन इस बीच अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की अस्थाई छूट दे दी है। लेकिन अमेरिका के इस बयान के बाद भारतीय सियासत में बचाल मचा हुआ है और सवाल उठने लगे हैं कि अमेरिका कौन होता है जो भारत को छूट दे? भारत अपने आप में फैसला लेने में सक्षम है।

 

भारत को रूस से तेल खरीदने की छूट

US Gives 30-Day Waiver for Russian Oil  दरअसल अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि यह निर्णय सोच-समझकर लिया गया है और इसका उद्देश्य केवल पहले से समुद्र में फंसे हुए तेल के लेन-देन को अधिकृत करना है, जिससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा। बेसेंट ने ‘एक्स’ पर कहा कि भारत, अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है, और उम्मीद है कि नई दिल्ली अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह अस्थायी छूट ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को अवरुद्ध करने के प्रयासों से पैदा हुए दबाव को कम करने में मदद करेगी। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन के उच्चतम स्तर पर पहुंचने का भी जिक्र किया और इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे का परिणाम बताया।

 

अमेरिकी वित्त मंत्री के बयान के बाद भड़की कांग्रेस

अमेरिका की ओर से जारी इस बयान के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया, पोस्ट में लिखा गया कि, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने की ‘अनुमति’ दी है और इसके लिए 30 दिनों की छूट प्रदान की है। यह आदेश अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक पोस्ट के माध्यम से साझा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सरकार देश को ऐसी स्थिति में ले आई है, जहां अब अमेरिका यह तय कर रहा है कि भारत तेल कहां से खरीदे और कहां से नहीं। यह फैसला न तो प्रधानमंत्री मोदी ले रहे हैं और न ही भारत सरकार। आज देश के नागरिक यह सवाल पूछ रहे हैं कि अमेरिका कौन होता है भारत को ‘इजाजत’ देने वाला कि वह तेल खरीदे या नहीं?हम किसी भी देश के गुलाम नहीं हैं; हम एक संप्रभु और स्वतंत्र देश हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी अमेरिका से यह सवाल नहीं पूछ सकते, क्योंकि वे पूरी तरह समझौता कर चुके हैं और देश को अमेरिकी हितों के हाथों गिरवी रख दिया है। शर्मनाक!

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी कसा तंज

नहीं, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स में एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “अमेरिका भारत को वही आर्थिक फायदे नहीं देगा जो उसने चीन को दिए थे। अमेरिका भारत को अपना प्रतिस्पर्धी बनने की अनुमति नहीं देगा। व्यापार समझौता ऐसा होगा जिसमें सबसे पहले अमेरिका के हित रखे जाएंगे।” यह बात अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने भारत की धरती पर कही। समझौता कर चुके प्रधानमंत्री का समर्पण!

रयसीना डायलॉग में क्या बोले US के डिप्टी सेक्रेटरी?

बता दें कि US के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ ने रयसीना डायलॉग 2026 को सबोधित करते हुए कहा है कि “इंडिया को समझना चाहिए कि हम इंडिया के साथ वही गलतियां नहीं करने जा रहे हैं जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थीं। फिर अगली बात जो हमें पता चलेगी, वह यह कि आप हमें कई कमर्शियल चीज़ों में हरा रहे हैं।” हम उस ट्रेड डील को लेकर उत्साहित हैं जो अब लगभग फिनिश लाइन पर है, और मुझे लगता है कि यह लगभग अनलिमिटेड पोटेंशियल को सच में अनलॉक करने का बेस हो सकता है। हम इंडिया और उनके इकोनॉमिक और बिजनेस के अवसर पर फोकस करने को लेकर बहुत उत्साहित हैं।

 

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