Madhya Pradesh SDM Suspended News || Image- FILE Image
Madhya Pradesh SDM Suspended News: इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर की दूषित पेयजल त्रासदी की पृष्ठभूमि में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एक विवादास्पद टिप्पणी और कांग्रेस के आरोपों का एक सरकारी आदेश में कथित रूप से जिक्र करने की गंभीर चूक पर पड़ोसी देवास के एक अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को रविवार को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन संभाग के आयुक्त (राजस्व) आशीष सिंह ने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितता के आरोपों में देवास के एक एसडीएम को निलंबित कर दिया है।
उन्होंने बताया कि एसडीएम ने देवास में कांग्रेस के रविवार को आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के लिए शनिवार को सरकारी आदेश जारी किया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,‘‘एसडीएम के जारी इस आदेश में कांग्रेस के उस ज्ञापन के एक हिस्से की हू-ब-हू नकल उतार दी गई थी जो प्रमुख विपक्षी दल ने विरोध प्रदर्शन की पूर्व सूचना के लिए प्रशासन को दिया था। यह गंभीर लापरवाही है।’’
Madhya Pradesh SDM Suspended News: कांग्रेस के ज्ञापन में इंदौर की पेयजल त्रासदी को लेकर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा गया था और कहा गया था कि विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के प्रश्न के उत्तर में अशोभनीय शब्द ‘घंटा’ का उपयोग करना ‘अमानवीयता और निरंकुशता’ की निशानी है। ज्ञापन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया था कि इस ‘अमानवीय व्यवहार’ के विरोध में भाजपा के सांसद और विधायकों के निवास के सामने ‘घंटा’ बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
यह प्रदर्शन इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों की मौत और इस त्रासदी के बारे में एक टीवी पत्रकार के प्रश्न पर विजयवर्गीय की विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में आयोजित था। विजयवर्गीय ने इंदौर में 31 दिसंबर की रात टीवी पत्रकार द्वारा पेयजल त्रासदी के बारे में सवाल पूछे जाने पर कैमरे के सामने ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल करके विवाद खड़ा कर दिया था। प्रशासन ने शहर में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दो जनवरी को कहा था कि उन्हें घटना में 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। स्थानीय लोगों ने दूषित जल पीने से छह माह के बच्चे समेत 16 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है।
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