मध्यप्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, मानदेय बढ़ाने की मांग पर अड़े

मध्यप्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, मानदेय बढ़ाने की मांग पर अड़े

मध्यप्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, मानदेय बढ़ाने की मांग पर अड़े
Modified Date: September 9, 2026 / 01:58 pm IST
Published Date: September 9, 2026 1:58 pm IST

भोपाल, नौ सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने सोमवार को उनके साथियों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की निंदा की।

भोपाल के कमला पार्क चौराहे के पास चल रहे प्रदर्शन को सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी समर्थन दिया है। सरकारी गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), भोपाल के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) के बहिष्कार की घोषणा की है।

इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उनका मासिक मानदेय मौजूदा 14,337 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये किया जाए।

राज्य सरकार द्वारा संचालित छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर अभिषेक यादव ने भोपाल में ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि अन्य राज्यों में उनके समकक्षों को औसतन करीब 30,000 रुपये का मासिक स्टाइपेंड मिलता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इंटर्न डॉक्टरों पर लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसमें कुछ डॉक्टर घायल हुए। यादव ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांग स्वीकार किए जाने पर इंटर्न डॉक्टर तत्काल अपना आंदोलन समाप्त कर देंगे।

सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर माधव शर्मा ने कहा कि मांगें पूरी होने तक वह अपने साथियों के साथ प्रदर्शन जारी रखेंगे।

जीएमसी भोपाल के इंटर्न डॉक्टर अनुराग ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि सरकार को उनकी मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मानदेय बढ़ाकर 30,000 रुपये करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के बावजूद आपातकालीन सेवाएं जारी हैं और डॉक्टर सड़क के एक तरफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ यातायात सामान्य रूप से चल रहा है।

अनुराग ने कहा कि डॉक्टर पिछले तीन वर्षों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और पिछले तीन महीनों में कई बार अधिकारियों तथा नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीने से हमें स्टाइपेंड बढ़ाए जाने की बात सुनने को मिल रही है, लेकिन केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा।’’

उन्होंने बताया कि बुधवार को पहली बार राज्य के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों ने भोपाल पहुंचकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

सोमवार को कथित पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए अनुराग ने दावा किया कि कुछ डॉक्टरों के कान के पर्दे में चोट आई, जबकि कुछ के हाथों में फ्रैक्चर हुआ। हालांकि, इन दावों की तत्काल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।

अनुराग ने कहा, ‘‘हम अपनी मांगें पूरी होने तक यहां रहेंगे। सरकार लिखित आदेश जारी करे या स्पष्ट रूप से बताए कि किस तारीख से मानदेय बढ़ाया जाएगा, तभी हम प्रदर्शन समाप्त करेंगे।’’

इस बीच, एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के बुधवार शाम राजधानी लौटने के बाद इंटर्न डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाने की मांग पर निर्णय लिया जाएगा।

भाषा दिमो

मनीषा वैभव

वैभव


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