Mohan Yadav Jabalpur Visit: रानी दुर्गावती के नाम पर होगा मध्यप्रदेश का ये एयरपोर्ट, सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान, कहा- उनके अंदर था अद्वितीय पराक्रम और साहस

रानी दुर्गावती के नाम पर होगा मध्यप्रदेश का ये एयरपोर्ट, सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान, Jabalpur airport in Madhya Pradesh will be named after Rani Durgavati

Mohan Yadav Jabalpur Visit: रानी दुर्गावती के नाम पर होगा मध्यप्रदेश का ये एयरपोर्ट, सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान, कहा- उनके अंदर था अद्वितीय पराक्रम और साहस
Modified Date: June 24, 2026 / 09:11 pm IST
Published Date: June 24, 2026 8:01 pm IST

भोपालः Mohan Yadav Jabalpur Visit मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रानी दुर्गावती, अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और साहस की प्रतिमूर्ति थीं। नारी शक्ति का पराक्रम मां दुर्गावती के व्यक्तित्व में नजर आता है। मुगलों को युद्धों में धूल चटाने वाली ऐसी वीरांगना रानी दुर्गावती का आज 463वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य में 52 गढ़ों पर शासन किया। पति की असमय मृत्यु के बाद 5 साल के बेटे को सिंहासन पर बैठाया और 15 साल तक जनता की सेवा के लिए और क्षेत्र की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। मध्यप्रदेश की धरती पर लगभग 500 वर्ष पूर्व रानी दुर्गावती का जन्म हुआ, लेकिन आज पूरा देश और प्रदेश उन्हें आदर के साथ स्मरण करता है। हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश सरकार के गठन के बाद मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित कर आयोजित की गई थी। इसके बाद दूसरी कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती के गौंडवाना साम्राज्य की राजधानी संग्रामपुर में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उनकी समाधि स्थल नर्रई नाला जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।…..

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती को समर्पित नवीन संस्थान जबलपुर में 100 करोड़ रूपए की लागत से मदन महल के पास तैयार हो रहा है, जिसका लोकार्पण बहुत जल्द किया जाएगा। इस संस्थान से प्रदेश की भावी पीढ़ी रानी दुर्गावती के गौरवशाली अतीत और कार्यों से परिचित होंगी। जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर एक चिड़ियाघर (जू) और वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर बन रहा है। इसके साथ ही 35वीं बटालियन मंडला का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नायकों की वीरता और समृद्ध विरासत को सही रूप में प्रस्तुत करने के लिए ‘विरासत से विकास’ अभियान शुरू किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती का शासन काल, गौंड साम्राज्य का स्वर्णिम युग था। रानी दुर्गावती ने किसान कल्याण के लिए उस दौर में बीज संग्रह, फसल चक्रण और जल संचय के महत्वपूर्ण कार्य कराए थे। उनके प्रबंधन के परिणाम स्वरूप अनाज के भंडार भरे हुए थे।

किसानों के कल्याण के लिए ठोस निर्णय ले रही है सरकार (Mohan Yadav Jabalpur Visit)

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए संकल्पित है और पूरा वर्ष किसानों को समर्पित करते हुए ठोस निर्णय ले रही है। अब किसान बंधुओं के लिए शून्य ब्याज दर पर 31 मार्च तक कर्ज चुकाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस तारीख को लोन लेंगे, तब से एक वर्ष की समयावधि में कर्ज चुकाया जा सकेगा। राज्य सरकार 880 करोड़ रुपए का भुगतान वित्तीय संस्थाओं को करेगी। राज्य सरकार पर्यटन, उद्योगों और अधोसंरचना विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शासकीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करने पर सरकार किसानों को अब चार गुना मुआवजा देगी। प्रदेश में संचालित रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना से कोदो-कुटकी पैदा करने वाले किसानों को लाभ मिल रहा है। प्रदेश की लाड़ली बहनों को हर माह जारी हो रहे 1500 रुपए से उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ी है। किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। रानी दुर्गावती द्वारा किसानों के कल्याण के लिये चलाये गये कार्यक्रमों से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार भी निरंतर कृषक हित में कार्य कर रही है। हमारी सरकार के पास किसान कल्याण और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार कार्य कर रहे हैं। देश में पहली बार जनजातीय वर्ग द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति पद को सुशोभित कर रही हैं। राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के भाव से काम कर रही है। हमारी सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने वीरांगना रानी दुर्गावती के संबंध में ओजपूर्ण कविता से अपने उदबोधन की शुरूआत करते हुये ‘’अड़े खड़ी दीवार बने, सदैव से प्रेम की दीवानी, तूफानों से हार न मानी, मरकर हुई अमर रानी, मरकर हुई अमर रानी’’ये पंक्तियों पढ़ी। उन्होंने वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती के चरणों को नमन करते हुये कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान, भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण, वन संरक्षण, जनजातीय अंचलों के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। उन्होंने जनजातीय समाज से अपनी भाषा, बोली, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि रानी दुर्गावती के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कही ये बात

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का नाम लेते ही महाकौशल और मध्यप्रदेश के कण-कण में श्रद्धा का भाव जाग उठता है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती केवल एक वीर योद्धा नहीं थीं, बल्कि जल प्रबंधन, कृषि व्यवस्था, आत्मसम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अद्भुत प्रतिमूर्ति थीं। उनके द्वारा बनाए गई तालाबों की श्रृंखला, जल संचयन और संसाधनों के उपयोग की उनकी व्यवस्था आज भी बड़े-बड़े जल विशेषज्ञों को चकित करती है। मंत्री सिंह ने कहा कि जबलपुर की धरती के लिए यह गर्व का विषय है कि यह वही भूमि है, जहाँ वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से आग्रह किया कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम भी वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाए। यह केवल नामकरण नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक अस्मिता और गौरव को राष्ट्रीय पहचान देने वाला निर्णय होगा।

वरिष्ठ विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान स्वतंत्रता, संस्कृति, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि सम्मान के साथ मृत्यु, अपमानजनक जीवन से कहीं श्रेष्ठ होती है। खंडेलवाल ने कहा कि जनजातीय समाज का योगदान भारत के इतिहास में अमूल्य है और रानी दुर्गावती उसी गौरवशाली परंपरा की सबसे उज्ज्वल प्रेरणाओं में से एक हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को रानी दुर्गावती के जीवन से यह सीख लेनी चाहिए कि देश की स्वतंत्रता और स्वाभिमान सहज रूप से नहीं मिले, बल्कि इसके लिए अनगिनत वीरों और वीरांगनाओं ने अपना सर्वस्व बलिदान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश उन महान विभूतियों को सम्मानपूर्वक स्मरण कर रहा है, जिन्होंने भारत की अस्मिता और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन किये अर्पित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरूआत में ग्राम नर्रई नाला स्थित वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती की समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। शहीद वीर नारायण की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही गौंड समाज के आराध्य देवता बड़ा देव का पूजन-अर्चन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी ‘इंदू’, नीरज सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी, श्रद्धालू और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।