जबलपुर: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की वोटिंग होने को बस कुछ ही दिनों का वक्त बचा है लेकिन सागर जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीच चुनाव प्रक्रिया में चुनाव खर्च की दरें बदल दीं। वही अब इन आरोपों के बाद से जिले की राजनीति में एक बार फिर से उबाल की आशंका है।
दरअसल 9 नवंबर को एक आदेश जारी करते हुए सागर जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक राय ने 2400 रुपए प्रति दिन वाहन किराए की दर घटाकर 1200 रुपए कर दीं जिसके अलावा अन्य खर्चों की भी कई दरें बदल दी गईं। कांग्रेस की लीगल सैल ने इस पर बड़ी आपत्ति लेते हुए आरोप लगाया है कि ऐसा सुरखी से भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह राजपूत को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है।
प्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता और कांग्रेस लीगल सैल के अध्यक्ष शशांक शेखर ने जबलपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रैंस करते हुए सागर जिला निर्वाचन अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शशांक शेखर ने कहा कि बीच चुनाव में खर्च की दरें नहीं बदली जा सकतीं लेकिन सागर जिला निर्वाचन अधिकारी ने सिर्फ इसीलिए कई दरें आधी कर दीं क्योंकि गोविंद सिंह राजपूत का चुनाव खर्च, अधिकतम सीमा 40 लाख रुपयों के पार जा रहा था। कांग्रेस लीगल सैल ने मामले की शिकायत भारत और राज्य निर्वाचन आयोग से की है। इसमें सागर जिला निर्वाचन अधिकारी पर कार्यवाही करने और चुनाव खर्च की दरें पहले की तरह रखने की मांग की गई है। ऐसा ना होने पर कांग्रेस लीगल सैल ने मामला हाईकोर्ट ले जाने की बात की है।
बता दें कि सुरखी से भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह राजपूत ने 5 नवंबर तक खर्च का जो ब्यौरा दिया था उसमें प्रति वाहन किराए की दर 2400 रुपए प्रति दिन थी जिसे 9 नवंबर को जिला निर्वाचन अधिकारी ने अचानक घटाकर 1200 रुपए दिन कर दिया।
विजेंद्र पांडेय IBC24