Guest Teachers Regularisation Big Updates:जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अतिथि शिक्षकों द्वारा दायर याचिका पर बड़ा फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह उनकी नियमितीकरण की मांग पर 30 दिनों के भीतर निर्णय ले। यदि तय समयसीमा में निर्णय नहीं लिया जाता है, तो अतिथि शिक्षक अवमानना याचिका दायर कर सकते हैं।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि वे बीते 10 वर्षों से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद सरकार उनकी मांगों को लगातार अनदेखा कर रही है। उन्होंने खुद को नियमितीकरण का पात्र बताते हुए सरकार पर अनसुनी करने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह अतिथि शिक्षकों की मांग पर जल्द निर्णय ले।
Guest Teachers Regularisation Big Updates: यह फैसला राज्यभर के हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है, जो लंबे समय से अपनी सेवाओं के स्थायीकरण की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
1. क्या यह फैसला अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की गारंटी देता है?
➡ नहीं, हाईकोर्ट ने सरकार को 30 दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है, लेकिन नियमितीकरण का अंतिम निर्णय सरकार को ही लेना होगा।
2. अगर सरकार 30 दिनों में कोई निर्णय नहीं लेती तो क्या होगा?
➡ अतिथि शिक्षक अवमानना याचिका दायर कर सकते हैं, जिससे सरकार पर कानूनी दबाव बढ़ेगा।
3. क्या सभी अतिथि शिक्षकों को नियमित किया जाएगा?
➡ यह सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा। कोर्ट ने केवल निर्णय लेने का निर्देश दिया है, नियमितीकरण की गारंटी नहीं दी है।
4. इस फैसले से किन शिक्षकों को लाभ मिलेगा?
➡ उन अतिथि शिक्षकों को, जो लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवा दे रहे हैं और जिन्होंने अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।
5. आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
➡ सरकार को 30 दिनों में निर्णय लेना होगा, इसके बाद अतिथि शिक्षकों को सरकारी आदेश का इंतजार करना पड़ेगा। यदि कोई प्रतिकूल निर्णय आता है, तो वे फिर से कोर्ट जा सकते हैं।