Jabalpur TB Mission Scam : अजब MP में एक और गज़ब घोटाला!.. टीबी मुक्त अभियान के लिए कागज़ों पर ही खरीद ली इतने करोड़ की दवा, माल डिलीवरी से पहले ही कर दिया खेला..

जबलपुर में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 1 करोड़ रुपये से अधिक के दवा घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने केवल कागज़ों पर टीबी की दवाएं खरीदीं और बिना सप्लाई के ही पूरा भुगतान कर दिया। मामले के सामने आने के बाद दवाओं का स्टॉक भी गायब पाया गया है। अब EOW ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

Jabalpur TB Mission Scam : अजब MP में एक और गज़ब घोटाला!.. टीबी मुक्त अभियान के लिए कागज़ों पर ही खरीद ली इतने करोड़ की दवा, माल डिलीवरी से पहले ही कर दिया खेला..

Jabalpur TB Mission Scam / Image Source : AI GENERATED

Modified Date: May 27, 2026 / 09:33 am IST
Published Date: May 27, 2026 9:23 am IST
HIGHLIGHTS
  • जबलपुर में टीबी दवाओं के नाम पर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला उजागर।
  • बिना सप्लाई के ही दवाओं का भुगतान करने का आरोप।
  • EOW और स्वास्थ्य विभाग की जांच कमेटी ने मामले की जांच शुरू की।

जबलपुर : Jabalpur TB Mission Scam ‘अजब एमपी के गज़ब घोटाले’ की तर्ज पर जबलपुर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना टीबी मुक्त भारत अभियान में जबलपुर में करीब 1 करोड़ रुपयों का घोटाला सामने आया है। आरोप है कि  स्वास्थ्य विभाग के ज़िम्मेदारों ने सिर्फ कागज़ों पर ही टीबी की दवाएं खरीद लीं और बिना किसी सप्लाई के ही पूरा भुगतान भी कर दिया। इस मामले का खुलासा होने के बाद अब स्टॉक से खरीदी गईं सभी दवाएं गायब पाई गई हैं।

1 करोड़ रुपये का हुआ घोटाला

मिली जानकारी के अनुसार, ज़िम्मेदारों ने सिर्फ कागज़ों पर ही टीबी की दवाएं खरीद लीं और बिना किसी सप्लाई के ही पूरा भुगतान भी कर दिया। MP Government Hospital Medicine Fraud इस पूरे 1 करोड़ रुपये से अधिक के टीबी दवा घोटाले में डीपीसी सुनील शर्मा सीधे तौर पर जांच के घेरे में आ गए हैं। इस बड़े मामले के सामने आते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने तुरंत एक्शन लेते हुए पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है।

इन चीज़ों की जाँच में गड़बड़ी

नटीईपी यानि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के डीपीसी, यानि जिला कार्यक्रम समन्वयक सुनील शर्मा इस पूरे घोटाले के केंद्र में हैं। बताया जा रहा है कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार ने जो गाईड लाईन जारी की है उसमें डीपीसी के 15 कर्तव्य तय किए गए हैं। आरोप है कि इसमें बजट मैनेजमेंट, दवा खरीदी, खरीददारी से जुड़ी रिपोर्टिंग और स्टॉक की जांच में गड़बड़ी की गई। आरोप है कि डीपीसी ने खुद ही नोटशीट चलाकर खरीदी प्रक्रिया शुरु कर दी जिसमें इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

Jabalpur TB Mission Scam EOW शुरू करेगी जाँच

यह 3 सदस्यीय जांच कमेटी मामले की पूरी पड़ताल कर आगामी 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसके साथ ही, इस घोटाले की शिकायत आर्थिक EOW के पास भी पहुंच चुकी है, जिसके बाद EOW जबलपुर ने भी इस शिकायत पर अपनी जांच शुरू कर दी है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.