VASUNDHARA RAJE/ image source: ibc24
Vasundhara Raje Fake Letter Case: जबलपुर: जबलपुर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कथित फर्जी पत्र के वायरल होने से जुड़ा मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है। इस प्रकरण में कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं-निखिल, बिलाल और ईनाम-की भोपाल से गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। परिजनों का आरोप है कि तीनों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है और उन्हें अदालत में पेश किए बिना ही पुलिस कस्टडी में रखा गया। इस पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर गंभीर रुख अपनाया है और मामले में कई अहम निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि राजस्थान पुलिस 27 अप्रैल को तीनों कार्यकर्ताओं को अदालत में पेश करे। इसके साथ ही मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस को यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं कि गिरफ्तारी कैसे, क्यों और किन परिस्थितियों में की गई। अदालत ने यह भी पूछा है कि आखिर आरोपियों को अदालत में पेश किए बिना हिरासत में क्यों रखा गया। कोर्ट ने भोपाल पुलिस को निर्देश दिया है कि 20 और 21 अप्रैल के बीच के सीसीटीवी फुटेज भी पेश किए जाएं, ताकि गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सामने आ सके।
इसके अलावा हाईकोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 27 अप्रैल तय की है, जिस दिन पुलिस को सभी जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण के साथ पेश होना होगा।
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