पेरिस, 22 अप्रैल (एपी) फ्रांसीसी-अल्जीरियाई लेखक कैमेल दाहुद ने बुधवार को कहा कि उनकी पुस्तक ‘‘हौरिस’’ के लिए उन्हें अल्जीरिया में तीन साल जेल की सजा सुनाई गई है।
इस पुस्तक को फ्रांस का सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार मिला है।
फ्रांस में रहने वाले लेखक ने ‘एक्स’ पर कहा कि मंगलवार को उन्हें यह सजा सुनाई गई। उन्होंने बताया कि उन पर 50 लाख अल्जीरियाई दीनार (38,000 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना भी लगाया गया है।
‘‘हौरिस’’ (कुंवारा/कुंवारी) उन पीड़ितों पर केंद्रित है जिन्हें अल्जीरियाई लोग ‘‘काला दशक’’ कहते हैं, जिस दौरान हजारों लोग मारे गए थे क्योंकि सेना एक इस्लामी विद्रोह का दमन कर रही थी।
यह संघर्ष 1991 में शुरू हुआ था, जब इस्लामवादियों ने संसदीय चुनावों के पहले दौर में जीत हासिल की, जिसके बाद सेना समर्थित सरकार ने दूसरे दौर के मतदान को रद्द कर दिया।
लेखक ने कहा कि उन्हें शांति और राष्ट्रीय सुलह के घोषणापत्र के तहत दोषी करार दिया गया है, जो 2005 में जनमत संग्रह द्वारा अपनाया गया एक दस्तावेज है और जिसमें सशस्त्र इस्लामवादियों और सुरक्षा बलों, दोनों को व्यापक आम माफी दी गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह दस्तावेज गृहयुद्ध का सार्वजनिक रूप से उल्लेख करने पर दंड का प्रावधान करता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दस साल का युद्ध, अनुमान के अनुसार लगभग 200,000 मौतें, हजारों आतंकवादियों को माफी दी गई… और केवल एक दोषी पक्षकार है, जो कि एक लेखक है।’’
एपी सुभाष रंजन
रंजन