Reported By: Devendra Kumar Raidas
,Bhoomika Narmada Parikrama/Image Source: IBC24
खरगोन: Bhoomika Narmada Parikrama: नर्मदे हर की गूंज और हाथों में छोटा सा कमंडल लिए मध्य प्रदेश के खरगोन की रहने वाली 9 साल की भूमिका मुकाती इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जिस उम्र में बच्चे स्कूल और खेल-कूद में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में भूमिका नंगे पैर दादा-दादी के साथ माँ नर्मदा की परिक्रमा पर निकल पड़ी है।
Bhoomika Narmada Parikrama: कक्षा चौथी में पढ़ने वाली भूमिका अपने दादा कड़वाजी और दादी सक्को बाई के साथ पैदल नर्मदा परिक्रमा कर रही है। खरगोन के पीपलझर से शुरू हुआ यह सफर ओंकारेश्वर से 4 दिसंबर को प्रारंभ हुआ। यह दादा की तीसरी और दादी की दूसरी परिक्रमा है, जबकि भूमिका के लिए यह पहला अनुभव है।
रोज़ाना करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करने वाली भूमिका की हिम्मत और भक्ति ने सभी को हैरान कर दिया है। दादा-दादी बताते हैं कि उन्होंने रास्ते की कठिनाइयों को लेकर पोती को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसकी दृढ़ इच्छा के आगे उन्हें भी झुकना पड़ा। आज हालात यह हैं कि थकान होने पर वही नन्हीं भूमिका दादा-दादी का हौसला बनती है।
Bhoomika Narmada Parikrama: छह बहनों और एक भाई में सबसे लाड़ली भूमिका का झुकाव अब पूरी तरह अध्यात्म की ओर है। पूजा-पाठ, भजन और आरती उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। रोज़ाना लंबा पैदल सफर, सुबह का स्नान और निरंतर भक्ति यह परिक्रमा आस्था और संकल्प की अनोखी मिसाल पेश कर रही है। भूमिका की यह यात्रा साबित करती है कि जब आस्था सच्ची हो, तो उम्र मायने नहीं रखती और चलने वाले पैर नहीं, बल्कि आत्मा होती है।