गुवाहाटी परिसर में मौत के विरोध में ग्वालियर में एलएनआईपीई के छात्रों का नौवें दिन भी प्रदर्शन जारी

गुवाहाटी परिसर में मौत के विरोध में ग्वालियर में एलएनआईपीई के छात्रों का नौवें दिन भी प्रदर्शन जारी

गुवाहाटी परिसर में मौत के विरोध में ग्वालियर में एलएनआईपीई के छात्रों का नौवें दिन भी प्रदर्शन जारी
Modified Date: September 17, 2026 / 08:05 pm IST
Published Date: September 17, 2026 8:05 pm IST

ग्वालियर (मप्र), 17 सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार के संस्थान लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) के छात्रों ने गुवाहाटी परिसर में एक छात्रा की मौत के मामले में बृहस्पतिवार को नौवें दिन भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

प्रदर्शनकारी रजिस्ट्रार के इस्तीफे और मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

एलएनआईपीई गुवाहाटी परिसर में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) के तीसरे वर्ष की छात्रा श्रुति उपाध्याय (22) की नौ सितंबर को बीमार पड़ने के बाद मौत हो गई थी।

छात्रों ने गुवाहाटी परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं और वे यहां संस्थान के मुख्य द्वार के बाहर धरना दे रहे हैं।

छात्रों ने काली टी-शर्ट पहनकर और मुंह पर टेप लगाकर प्रदर्शन किया।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने दावा किया कि उन्हें संस्थान के कुलपति या केंद्रीय खेल मंत्रालय से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है और उन पर तथा मृतक के परिवार पर प्रदर्शन खत्म करने का दबाव बनाया जा रहा है।

एक छात्र ने कहा, ‘‘हमारा विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और इसी तरह जारी रहेगा।’’

एलएनआईपीई की कुलपति कल्पना शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि उपाध्याय के निधन के बाद उन्होंने गुवाहाटी परिसर का दौरा किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों की कुछ मांगें मान ली गई हैं। संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है और गुवाहाटी परिसर में डॉक्टर और नर्स को हटा दिया गया है। निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है।’’

शर्मा ने कहा कि गुवाहाटी प्रशासन ने असम सरकार की ओर से मृतका के परिवार को चार लाख रुपये दिए हैं और संस्थान ने मुआवजे के रूप में पांच लाख रुपये दिए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, परिवार जो भी मेडिकल बिल जमा करेगा, संस्थान उसका भुगतान करेगा।’

कुलपति ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बातचीत जारी है और उनसे आंदोलन खत्म करने और कक्षाओं में लौटने की अपील की गई है।

भाषा सं ब्रजेन्द्र गोला

गोला


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