इंदौर (मध्यप्रदेश), 27 जुलाई (भाषा) अभिनय की दुनिया में पहचान बनाने का सपना देखने वाले इंदौर के गौरव दवे (25) भले ही अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उनके मरणोपरांत अंगदान ने सोमवार को चार लोगों को नयी जिंदगी की राह दे दी।
अधिकारियों ने बताया कि दवे का हृदय हवाई मार्ग से अहमदाबाद भेजकर वहां के एक रोगी में प्रतिरोपित किया गया, जबकि उनके यकृत और दो गुर्दे इंदौर के मरीजों में लगाये गये।
उन्होंने बताया कि अभिनय के साथ ही ‘कास्टिंग’ (अभिनेता चयन) के क्षेत्र में भी काम कर रहे दवे ‘ब्रेन हेमरेज’ के बाद 13 जुलाई से एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती थे।
अधिकारियों के मुताबिक चिकित्सकों ने जांच के बाद रविवार (26 जुलाई) को उन्हें दिमागी रूप से मृत (ब्रेन डेड) घोषित कर दिया जिसके बाद उनके परिजन अंगदान के लिए सहमत हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि दवे का हृदय एक नियमित उड़ान से अहमदाबाद भेजा गया जहां उसे अस्पताल में भर्ती 28 वर्षीय एक पुरुष के शरीर में प्रतिरोपित किया गया।
उन्होंने बताया कि दवे का यकृत इंदौर के 42 वर्षीय पुरुष में लगाया गया, जबकि दो गुर्दे शहर की 22 वर्षीय महिला और 52 वर्षीय महिला को प्रतिरोपित किए गए।
दवे के दोस्त नरेंद्र राठौर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दवे मनोरंजन उद्योग में अभिनेता के रूप में पहचान बनाने का सपना देखते थे और एक तेलुगु फिल्म एवं एक वेब सीरीज में काम भी कर चुके थे।
राठौर के अनुसार उपचार के दौरान जब दवे की हालत में कुछ सुधार हुआ था, तब उन्होंने अपने एक अन्य मित्र से कहा था कि मरने के बाद उनके अंग दान कर दिए जाएं ताकि उनके अंगों से जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सके।
राठौर ने बताया कि बाद में दवे की हालत फिर बिगड़ गई और चिकित्सकों की कोशिशों के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
उन्होंने कहा,‘‘इकलौते बेटे को खोने का दुख दवे के परिवार के लिए असहनीय है, लेकिन उनकी अंतिम इच्छा ने उन्हें उनके मरणोपरांत अंगदान का कठिन फैसला लेने का साहस दिया।’’
अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अंगदाताओं को दिए जाने वाले ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के तहत दवे को अंतिम विदाई के समय राजकीय सम्मान भी दिया गया।
भाषा हर्ष
राजकुमार
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