सिंगरौली (मध्यप्रदेश), 26 अप्रैल (भाषा) कोयला के लिए मशहूर मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने, राजस्व बढ़ाने और पारदर्शिता में सुधार के लिए तीन एआई संचालित ‘ई-चेकपोस्ट’ स्थापित किए गए हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सिंगरौली तहसील के तेलाई गांव, सराय तहसील के निगरी और दूधमनिया तहसील के खानहाना बैरियर में ये ‘चेकपोस्ट’ लगाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे मध्यप्रदेश के उत्तर-पूर्व में स्थित सिंगरौली को व्यापक रूप से ‘भारत की ऊर्जा राजधानी’ के रूप में जाना जाता है। यहां विशाल कोयला भंडार और एनटीपीसी लिमिटेड जैसी कंपनियों और निजी कंपनियों द्वारा संचालित कई ताप विद्युत संयंत्र भी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में पहली बार शुरू की गई यह प्रणाली कृत्रिम मेधा (एआई), ‘वैरिफोकल कैमरे’, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान क्षमता और ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन’ (आरएफआईडी) रीडर से लैस है।
जिला खनन अधिकारी आकांक्षा पटेल ने कहा कि क्षेत्र में खनिजों के परिवहन वाले सभी वाहनों के लिए आरएफआईडी टैग अनिवार्य कर दिया गया है।
उन्होंने कहा,‘‘टैग सामने की विंडशील्ड पर चिपका दिया जाएगा। सिस्टम स्वचालित रूप से वाहन संख्या, खनिज मात्रा और वजन को सत्यापित करेगा और ओवरलोडिंग या ई-ट्रांजिट परमिट की अनुपस्थिति जैसे उल्लंघनों का पता लगाएगा।’’
अधिकारी ने कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल ऑनलाइन कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत जुर्माना, वाहन पंजीकरण का निलंबन या रद्द करना और वाहनों की जब्ती शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने, राजस्व बढ़ाने और पारदर्शिता में सुधार होने की उम्मीद है।
अधिकारी ने बताया कि यह कदम 16 अप्रैल, 2026 को मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की रोकथाम) नियम, 2022 में अधिसूचित संशोधनों के बाद उठाया गया है।
भाषा सं ब्रजेन्द्र राजकुमार
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