भोपाल, पांच अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाहा समाज के लिए कथित तौर पर की गई अपनी एक आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए बुधवार को खेद जताया और कहा कि वह सपने में भी इस समाज का अपमान नहीं कर सकते हैं।
मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुरैना के जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाहा के आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तोमर ने कुशवाहा समाज को ‘गुलाटी मारने वाला’ और ‘खुद की विश्वसनीयता को खंडित करने वाला’ बताया था।
उनकी इस टिप्पणी को लेकर कुशवाहा समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने कड़ी आपत्ति जताई थी और विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने उनके बयान को पिछड़ा वर्ग विरोधी बताया था।
तोमर ने इस मामले में सफाई पेश करते हुए बुधवार को कुशवाहा समाज के नाम एक पत्र जारी किया और कहा कि कमलेश कुशवाहा के आवास पर आयोजित कार्यक्रम पारिवारिक था और उसी माहौल में चर्चा हो रही थी।
उन्होंने कहा, ‘‘कुशवाहा और हम लोग एक दूसरे के पूरक हैं और इसी भाव से जीवन भर इस समाज का सम्मान करता रहा हूं और जीवन पर्यंत करता रहूंगा। मैं अपमान करने की बात सपने में भी नहीं सोच सकता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि मेरे शब्दों से समाज के बंधुओ को ठेस लगी है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं और आप लोगों को जो तकलीफ हुई है उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।’’
मुरैना में शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में तोमर ने कहा था कि एक समय था जब कुशवाहा समाज को भाजपा का समर्थक समाज मानते थे और तब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसे दलों का जन्म भी नहीं हुआ था।
उन्होंने कहा कि उस कालखंड में भाजपा ने कालीचरण कुशवाहा को टिकट दिया, जब कोई पार्टी कल्पना भी नहीं कर सकती थी कि कुशवाहा समाज को टिकट मिल सकता है।
तोमर ने कहा, ‘‘भाजपा कुशवाहा समाज के प्रति समर्पित और सहिष्णु रही है, लेकिन यह बात अलग है कि बीच-बीच में कुशवाहा समाज थोड़ा इधर-उधर गुलाटें खाता रहा और उसके कारण आपने अपनी विश्वसनीयता को खंडित किया।’’
तोमर की इन टिप्पणियों का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसे ‘एक्स’ पर साझा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे नेता की ओर से ऐसी टिप्पणी शोभा नहीं देती।
उन्होंने इस बयान को पिछड़ा वर्ग विरोधी करार देते हुए तोमर से माफी मांगने को कहा था।
भाषा ब्रजेन्द्र गोला
गोला